Delhi Excise Policy : मनीष सिसोदिया को कोर्ट से नहीं मिली राहत, ईडी-सीबीआई की हिरासत अवधि बढ़ी

सीबीआई के अनुसार, मनीष सिसोदिया ने आपराधिक साजिश में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वह इस साजिश के उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए आबकारी नीति को बनाने और कार्यान्वयन में पूरी तरह से शामिल थे.
नई दिल्ली : दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में राष्ट्रीय राजधानी की राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से आम आदमी पार्टी (आप) नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सोमवार को भी राहत नहीं मिली है. अदालत ने आबकारी घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत अवधि बढ़ा दी है. विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने सीबीआई मामले में मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 27 अप्रैल तक और प्रवर्तन निदेशालय के मामले में 29 अप्रैल तक बढ़ा दी है. आम आदमी पार्टी के नेता को न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद तिहाड़ जेल से अदालत में पेश किया गया था.
जमानत देने से कोर्ट का इनकार
समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने मनीष सिसोदिया को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप की प्रकृति गंभीर है और इस सतर पर उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती, क्योंकि इस मामले में उनकी भूमिका की जांच अभी पूरी नहीं हुई है. मामले में कुछ अन्य सह-आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
आपराधिक साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका : सीबीआई
सीबीआई के अनुसार, मनीष सिसोदिया ने आपराधिक साजिश में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और वह इस साजिश के उद्देश्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए आबकारी नीति को बनाने और कार्यान्वयन में पूरी तरह से शामिल थे. अदालत ने नोट किया कि करीब 90-100 करोड़ रुपये की अग्रिम रिश्वत का भुगतान उनके और जीएनसीटीडी में उनके अन्य सहयोगियों के लिए था और उपरोक्त में से 20-30 करोड़ रुपए सह-अभियुक्त विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली और अनुमोदक दिनेश अरोड़ा और बदले में, आबकारी नीति के कुछ प्रावधानों को दक्षिण शराब लॉबी के हितों की रक्षा और संरक्षण के लिए और उक्त लॉबी को किकबैक का पुनर्भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आवेदक द्वारा छेड़छाड़ और हेरफेर करने की अनुमति दी गई थी.
अरुण रामचंद्र पिल्लई और अमनदीप ढल की भी हिरासत अवधि बढ़ी
बताया जा रहा है कि दिल्ल आबकारी घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया के साथ आरोपी अरुण रामचंद्र पिल्लई और अमनदीप ढल की न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी गई है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर किए गए मामले में अरुण पिल्लई और अमनदीप ढल की न्यायिक हिरासत 29 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है.
मंगलवार को जमानत पर होगी सुनवाई
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आम आदमी पार्टी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत पर मंगलवार को सुनवाई होगी. दिल्ली आबकारी घोटाला ममाले में सीबीआई ने मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था. इसके बाद इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी सिसोदिया पर केस दर्ज किया गया है. प्रवर्तन निदेशाल मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के लिए मनीष सिसोदिया पर मामला दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया.
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