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Delhi: दिल्ली CM का आवास सील, PWD ने मुख्यमंत्री आतिशी का सामान बाहर निकाला 

Updated at : 10 Oct 2024 9:16 PM (IST)
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Delhi CM residence

Delhi CM residence

Delhi: दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास के मुद्दे पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीएम आवास को सील कर दिया गया है, और इसके गेट पर विभाग ने डबल लॉक लगा दिया है.

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Delhi: दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास के मुद्दे पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. सीएम आवास को सील कर दिया गया है, और इसके गेट पर विभाग ने डबल लॉक लगा दिया है. जब मुख्यमंत्री केजरीवाल दूसरे बंगले में स्थानांतरित हुए, तब सीएम आतिशी ने इस आवास में शिफ्ट किया. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल के निर्देश पर पीडब्लूडी ने मुख्यमंत्री आतिशी का सामान बाहर निकालकर आवास को सील कर दिया है. वहीं, बीजेपी ने सीएम पर गैरकानूनी तरीके से बंगले में रहने का आरोप लगाया है.

असल में, विवाद सीएम केजरीवाल द्वारा आवास को खाली करने और हैंडओवर से संबंधित है, जिसके चलते पीडब्लूडी ने कार्रवाई की. आरोप है कि इस बंगले को विधिवत तरीके से पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर नहीं किया गया था, और इससे पहले ही मुख्यमंत्री आतिशी का सामान वहां पहुंचा दिया गया था.

पूरा विवाद क्या है?

आरोप लगाया जा रहा है कि केजरीवाल द्वारा बंगला खाली करने के बाद इसे आतिशी को आवंटित नहीं किया गया था, जबकि इसका अधिकार पीडब्ल्यूडी के पास है. जब कोई घर खाली होता है, तो पीडब्ल्यूडी उसका कब्जा लेता है और उसकी सूची बनाता है, इसके बाद ही वह घर किसी और को आवंटित कर सकता है. इस मामले में सवाल उठता है कि क्या एक मुख्यमंत्री कुर्सी से हटने के बाद अपने मनमाफिक तरीके से अपना आधिकारिक आवास दूसरे मुख्यमंत्री को सौंप सकता है? क्योंकि मुख्यमंत्री का आवास किसी की व्यक्तिगत संपत्ति नहीं, बल्कि सरकारी संपत्ति होती है.

जानिए विवाद की पूरी कहानी  

कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री आवास का एक वीडियो सामने आया, जिसमें सुनीता केजरीवाल एक अधिकारी को बंगले की चाबी सौंपती हुई नजर आईं. इस वीडियो के आधार पर दावा किया गया कि अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री आवास खाली कर दिया है. लेकिन 6 अक्टूबर को, पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के विशेष सचिव को एक पत्र लिखा, जिसमें कहा गया कि चाबी सौंपने के कुछ समय बाद ही इसे वापस ले लिया गया और बंगला पूरी तरह से पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर नहीं किया गया.

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आम आदमी पार्टी (AAP) का आरोप

दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने आरोप लगाया है कि देश के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री आवास को खाली कराया गया. सीएमओ ने एक बयान में कहा कि सिविल लाइंस में स्थित ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास’ को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इशारे पर जबरन खाली कराया गया है, क्योंकि उपराज्यपाल वी के सक्सेना इसे भाजपा के एक नेता को आवंटित करना चाहते हैं. इससे पहले, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों ने मुख्यमंत्री आतिशी को बंगला आवंटित नहीं किया और उनका कैंप कार्यालय भी खाली करा दिया गया है.

विपक्ष का आरोप

वहीं, दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री को अवैध तरीके से बंगले में लाया गया है. उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, “शीशमहल को सील करो! जब मुख्यमंत्री आतिशी को पहले से ही सरकारी आवास AB-17 मथुरा रोड आवंटित है, तो वह शीशमहल पर अवैध तरीके से कब्जा क्यों जमाए हुई हैं? अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के PWD अधिकारियों को शीशमहल की चाबी सौंपने के बजाय आतिशी को क्यों दी? केजरीवाल के सरकारी अधिकारी जानबूझकर इस अवैध कब्जे को संरक्षण दे रहे हैं. मैं PWD विभाग से मांग करता हूं कि शीशमहल को तुरंत सील किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए.”

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Aman Kumar Pandey

लेखक के बारे में

By Aman Kumar Pandey

अमन कुमार पाण्डेय डिजिटल पत्रकार हैं। राजनीति, समाज, धर्म पर सुनना, पढ़ना, लिखना पसंद है। क्रिकेट से बहुत लगाव है। इससे पहले राजस्थान पत्रिका के यूपी डेस्क पर बतौर ट्रेनी कंटेंट राइटर के पद अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में प्रभात खबर के नेशनल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत।

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