PM मोदी ने 30 अप्रैल नहीं, तीन मई तक क्यों बढ़ाया लॉकडाउन? ये है सबसे बड़ी वजह

A commuter walks on a deserted street during a day long lockdown amid growing concerns of coronavirus, in New Delhi, India, Sunday, March 22, 2020. India is observing a 14-hour "people's curfew" called by Prime Minister Narendra Modi in order to stem the rising coronavirus caseload in the country of 1.3 billion. For most people, the new coronavirus causes only mild or moderate symptoms. For some it can cause more severe illness. (AP Photo/Manish Swarup)
coronavirus outbreak, india lockdown 2 देश में जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है. मोदी सरकार ने 30 अप्रैल के बजाए 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला क्यों लिया, इसके पीछे की एक वजह
देश में जानलेवा कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है. इससे पहले देश के कई राज्यों में लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक ही बढाया था. मोदी सरकार ने 30 अप्रैल के बजाए 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला क्यों लिया, इसके पीछे की एक वजह है.
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30 अप्रैल को गुरुवार है और अगले दिन शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश है, दो मई को शनिवार और तीन मई को रविवार. यही कारण है कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने का फैसला किया है. राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार से लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाने की अपील की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने छुट्टियों को देखते हुए इसे 3 मई तक बढ़ा दिया है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि तीन दिन की छुट्टियों के कारण लोग अधिक संख्या में घर से बाहर निकलेंगे और सोशल डिस्टेनसिंग को लेकर दिक्कत आएगी. इस वजह से लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया है.
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सबसे पहले ओडिशा ने लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ाया था. फिर पंजाब ने 1 मई तक, महाराष्ट्र ने 30 अप्रैल तक, तेलंगाना ने 30 अप्रैल तक, राजस्थान ने 30 अप्रैल तक, कर्नाटक ने दो हफ्ते तक, पश्चिम बंगाल ने तीस अप्रैल तक और तमिलनाडु ने 30 अप्रैल तक बढ़ाया. इसके अलावा पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और मेघालय भी लॉकडाउन की मियाद को 30 अप्रैल तक बढ़ा चुके हैं.
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राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, साथियों, सारे सुझावों को ध्यान में रखते हुए ये तय किया गया है कि भारत में लॉकडाउन को अब 3 मई तक और बढ़ाना पड़ेगा. यानि 3 मई तक हम सभी को, हर देशवासी को लॉकडाउन में ही रहना होगा. इस दौरान हमें अनुशासन का उसी तरह पालन करना है, जैसे हम करते आ रहे हैं. मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है. स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए. पीएम मोदी ने कहा, अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी.
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20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले, हर राज्य को परखा जाएगा, वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है, उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है, ये देखा जाएगा. जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे, जो हॉटस्पॉट में नहीं होंगे, और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है. इसलिए, न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है. कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाएगी. पीएम मोदी के ऐलान के बाद रेलवे और उड्डयन मंत्रालय ने भी यात्री सोवाओं को तीन मई तक रद्द करने का ऐलान कर दिया.
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