'अधिकारियों को मुर्गा बनाकर पीट रही है ED और IT', छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया कि स्थानीय पुलिस को सूचना दिये बिना CRPF को साथ लेकर छापा मारी कर रहे हैं. अधिकारियों से शिकायत प्राप्त हुई है कि कुछ लोगों को रॉड से पीट रहे हैं, किसी का पैर टूटा है तो किसी को सुनाई देना बंद हो गया है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ऐसा ट्वीट किया है जिसपर बवाल मच सकता है. दरअसल, उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग की कार्रवाई को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताया है. यही नहीं उन्होंने एक ट्वीट किया और अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे लोगों को मारने-पीटने के साथ उन्हें धमकाने का काम कर रहे हैं.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पर्सनल ट्विटर हैंडल से एक के बाद एक कई ट्वीट किये जो हिंदी में हैं. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जांच एजेंसी पर करारा हमला किया. यहां चर्चा कर दें कि पिछले दिनों ईडी ने खनन ट्रांसपोर्टर से कथित वसूली से जुड़े मनी लॉंड्रिंग मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई भी शामिल हैं.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि केंद्रीय एजेंसियां देश में नागरिकों की ताकत हैं और यदि लोग इन ताकतों से डर रहे हैं तो निश्चित रूप से यह नकारात्मक ताकत देश को कमजोर करने का काम कर रही है. आगे उन्होंने कहा कि जांच के दौरान ईडी और आयकर विभाग के अधिकारियों की अवैध कार्रवाई की बात सामने आ रही है जो चिंता की बात है. यह अस्वीकार्य है.
लोगों को वहीं समन देकर जबरन घर से उठाना, उनको मुर्गा बनाना, मार-पीट कर दवाब डालकर मन चाह बयान दिलवाने को बाध्य करना, आजीवन जेल में सड़ने की धमकी देना, बिना खाना-पानी के देर रात तक रोक कर रखना जैसे गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। 3/N
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 27, 2022
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दावा किया कि शिकायतें मिल रही हैं कि लोगों को उनके घर से जबरन उठाया जा रहा है, उनको मुर्गा बनाना, मार-पीट कर दवाब डालकर मन चाह बयान दिलवाने को बाध्य करना, आजीवन जेल में सड़ने की धमकी देना, बिना खाना-पानी के देर रात तक रोक कर रखना जैसे गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही हैं.
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट किया कि केंद्रीय एजेंसियां देश के नागरिकों की ताकत होती हैं, यदि इन ताकतों से नागरिक डरने लगें तो निश्चित ही यह नकारात्मक शक्ति देश को कमजोर करती है. ED और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां भ्रष्टाचार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करें, हम इसका स्वागत करते हैं.
केंद्रीय एजेंसियां देश के नागरिकों की ताकत होती हैं, यदि इन ताकतों से नागरिक डरने लगें तो निश्चित ही यह नकारात्मक शक्ति देश को कमजोर करती है।
ED और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां भ्रष्टाचार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करें, हम इसका स्वागत करते हैं। 1/N
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 27, 2022
लेकिन जिस प्रकार से ED और इनकम टैक्स के अधिकारियों द्वारा लोगों से पूछताछ के दौरान गैर कानूनी कृत्य सामने आ रहे हैं, वो बिल्कुल भी स्वीकार करने योग्य नहीं हैं। 2/N
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 27, 2022
स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना CRPF को साथ लेकर छापा मारी कर रहे हैं। अधिकारियों से शिकायत प्राप्त हुई है कि कुछ लोगों को रॉड से पीट रहे हैं, किसी का पैर टूटा है तो किसी को सुनाई देना बंद हो गया है। 4/N
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) November 27, 2022
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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