बृजभूषण सिंह की बढ़ी मुश्किलें, महिला पहलवान यौन शोषण मामले में आरोप तय, बीजेपी नेता ने दी पहली प्रतिक्रिया

Published by : Pritish Sahay Updated At : 10 May 2024 8:58 PM

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Brij Bhushan Singh | ani, X

बृजभूषण सिंह की मुश्किलें बढ़ गई है. दिल्ली की राइज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है.

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बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में उनपर आरोप तय हो गया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय किया है. पांच महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की अदालत ने बीजेपी नेता बृजभूषण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए है. उन पर महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है. कोर्ट को बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री मिली है. कोर्ट का कहना है कि बृज भूषण के खिलाफ प्रत्येक पीड़ित के संबंध में धारा 354 और 354ए के तहत आरोप तय किए गए थे. अदालत का कहना है कि कोर्ट ने बृजभूषण को छठे पहलवान की ओर से लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया है. बृजभूषण के सेक्रेटरी विनोद तोमर के खिलाफ भी भी कोर्ट ने आरोप तय करने का आदेश दिया है.

बृज भूषण सिंह का सामने आया बयान
वहीं, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट की ओर से उनके खिलाफ आरोप तय करने के आदेश पर बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि प्रथम दृष्टया कोर्ट ने आज आरोप तय कर दिए हैं. एक मामले को छोड़कर बाकी मामलों में आरोप तय कर दिए हैं. मैं फैसले का स्वागत करता हूं. न्यायपालिका के दरवाजे अब मेरे लिए भी खुल गए हैं.


बृज भूषण पर क्या-क्या है आरोप
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय करने के पूरे सबूत हैं. कोर्ट ने बृजभूषण के खिलाफ धारा 354, 354-ए और धारा 506 के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है. वहीं कोर्ट ने कोर्ट ने उनके सेक्रेटरी विनोद तोमरके खिलाफ 506(1) के खिलाफ आरोप तय करने को कहा है. बता दें, धारा 354 का मतलब है किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग करना. 354-ए – यौन शोषण और धारा 506 आपराधिक धमकी देना.

दोष साबित होने पर कितने साल की हो सकती है सजा
बता दें, ब्रजभूषण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में कोर्ट ने आरोप तय करने को कहा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट में इसपर 21 मई को बहस होगी. आईपीसी की धाराओं के तहत इन आरोपों में जमानत नहीं मिलती है. दोष साबित हो जाने पर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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