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Bangladesh Violence: बांग्लादेश से भारतीयों को वापस ला रही है मोदी सरकार, नेपाल और भूटान के छात्रों की भी की जा रही है मदद

Updated at : 20 Jul 2024 2:47 PM (IST)
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Bangladesh Violence: बांग्लादेश से भारतीयों को वापस ला रही है मोदी सरकार, नेपाल और भूटान के छात्रों की भी की जा रही है मदद

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर जारी प्रदर्शन के बाद हुई हिंसा में कई लोगों की जान चली गई है. पूरे देश में सख्त कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. इस बीच मोदी सरकार भारतीयों को वापस ला रही है.

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Bangladesh Violence: बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ हिंसा भड़कने के बाद से जनजीवन प्रभावित है. शनिवार को पुलिस ने पूरे देश में सख्त कर्फ्यू लागू कर दिया और सैन्य बलों ने राष्ट्रीय राजधानी ढाका के विभिन्न हिस्सों में गश्त की. इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि अब तक 778 भारतीय छात्र बंदरगाहों के रास्ते से भारत लौट आए हैं. इसके अलावा, लगभग 200 छात्र ढाका और चटगांव हवाई अड्डों के माध्यम से नियमित उड़ान सेवाओं द्वारा स्वदेश लौटे हैं.

विदेश मंत्रालय ने बताया कि ढाका में भारतीय उच्चायोग और हमारे सहायक उच्चायोग बांग्लादेश के विभिन्न यूनिवर्सिटी में रह रहे 4000 से अधिक छात्रों के साथ लताार संपर्क में हैं. उन्हें जरूरी सहायता प्रदान किया जा रहा है. नेपाल और भूटान के छात्रों को भी अनुरोध पर भारत में प्रवेश करने में सहायता की गई है.

Students clash over quota system at jahangir nagar university at savar outside dhaka, bangladesh

40 से ज्यादा लोगों की गई जान

बांग्लादेश में जारी हिंसा में 40 से ज्यादा लोगों की जान गई है. मरने वाले लोगों की संख्या के बारे में अलग-अलग रिपोर्ट सामने आईं और ‘समय’ टीवी के अनुसार 43 लोगों की मौत हिंसा की वजह से हुई है. ‘एसोसिएटेड प्रेस’ के एक रिपोर्टर ने ढाका मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 23 शव देखे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि क्या उन सभी की मौत हिंसा की वजह से शुक्रवार को हुई. इससे पहले गुरुवार को प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा देश में पूर्ण बंद लागू करने की कोशिश की गई जिसमें 22 लोगों की मौत हुई थी.

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आरक्षण को लेकर हो रही है हिंसा

आरक्षण को लेकर बांग्लादेश में हिंसा जारी है. प्रदर्शनकारी उस नियम को खत्म करने की मांग कर रहे हैं जिसके तहत 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम में लड़ने वाले पूर्व सैनिकों के रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाता है.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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