Bangladesh Protests: बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर हो रहे प्रदर्शन में 35 से ज्यादा की मौत, जानें क्या करें वहां रह रहे भारतीय

Bangladesh Protests Updates: बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर हो रहे प्रदर्शन में 35 से ज्यादा और लोगों की मौत हो गई. जानें भारत की ओर से भारतीयों को क्या दी गई सलाह.
Bangladesh Protests Updates: बांग्लादेश आरक्षण की आग में जल रहा है. सरकारी नौकरियों के लिए आरक्षण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया जिसमें 15 से ज्यादा और लोगों की मौत हो गई. राजधानी ढाका तथा अन्य जगहों पर हिंसा भड़की हुई है. इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों से अनुरोध है कि वे ढाका में भारतीय उच्चायोग द्वारा जारी सलाह का पालन करें. भारतीय नागरिकों को जरूरी किसी भी सहायता के लिए उच्चायोग और सहायक उच्चायुक्त हेल्पलाइन नंबरों पर मौजूद हैं. इनसे वे अपनी बात रख सकते हैं.
बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर भड़की हिंसा में 2,500 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं. विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से मरने वालों की संख्या 39 हो चुकी है. प्रत्यक्षदर्शियों ने की ओर से बताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने ढाका के रामपुरा इलाके में सरकारी बांग्लादेश टेलीविजन भवन की घेराबंदी कर दी. उन्होंने इसके अगले हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया. यही नहीं, वहां खड़े कई वाहनों में आग लगा दी. ढाका और अन्य शहरों में विश्वविद्यालय के छात्र 1971 में पाकिस्तान से देश की आजादी के लिए लड़ने वाले युद्ध नायकों के रिश्तेदारों के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ नौकरियों को आरक्षित करने की प्रणाली के खिलाफ रैलियां कर रहे हैं जिसकी वजह से पूरा देश हिंसा की आग में जल रहा है.

कैसे हैं बांग्लादेश के हालात
- समाचारपत्र ‘द डेली स्टार’ ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सत्तारूढ़ पार्टी के लोगों के बीच देश भर में झड़प देखने को मिली जिसमें कम से कम 18 लोग मारे गए.
- प्रोथोम अलो अखबार ने एक खबर प्रकाशित की है. इसमें कहा गया कि कुल मिलाकर 11 लोगों की मौत की खबर है. इनमें नौ लोगों की मौत ढाका, एक व्यक्ति की मौत राजधानी के बाहरी इलाके सावर तथा एक व्यक्ति की मौत दक्षिण-पश्चिमी मदारीपुर जिले में हुई है.
Read Also : Bangladesh Riots: बांग्लादेश में नौकरी कोटा के खिलाफ प्रदर्शन, राष्ट्रव्यापी बंद की मांग, मोबाइल इंटरनेट अस्थायी रूप से बंद - निजी सोमॉय टेलीविजन चैनल ने खबर दी कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए रबड़ की गोलियों का इस्तेमाल किया. आंसू गैस भी छोड़े गए. प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बड़ी झड़पें राजधानी के उत्तरा इलाके में हुईं जहां कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी मौजूद है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अमिताभ कुमार
अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.
अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.
प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










