Bangladesh Border: बांग्लादेश से लगी सीमा से भारत में घुस सकते हैं आतंकी, BSF अलर्ट
Bangladesh Border: बीएसएफ ने हालांकि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशियों के बड़े ग्रुप की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी है, लेकिन अभी भी सीमा पर खतरा बना हुआ है. यहां से आतंकी भारत में प्रवेश कर सकते हैं.
Bangladesh Border: बांग्लादेश में अराजकता फैली हुई है. भारत के पड़ोसी देश में जारी हिंसा के बीच अवामी लीग और इसकी सहयोगी पार्टियों से जुड़े कम-से-कम 29 नेताओं और उनके परिवार के सदस्यों के शव बरामद किये गये हैं. इस खबर के बाद चिंता बढ़ गई है. इस बीच खबर है कि राजनीतिक उथल-पुथल का फायदा आतंकी उठाने के फिराक में हैं. खुफिया सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश के रेडिकल ग्रुप भीड़ का सहारा लेकर भारत में घुसपैठ कर सकते हैं. खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद BSF को हाई अलर्ट पर है.
BSF ने अपने बयान में क्या बताया?
इससे पहले बुधवार का BSF की ओर से एक बयान जारी किया गया था. बयान में कहा कि करीब 120-140 बांग्लादेशी नागरिकों के एक ग्रुप को सीमा के अंदर आने से रोका गया है. ये पश्चिम बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे. सुरक्षाबल ‘हाई अलर्ट’ पर हैं. बीएसएफ के बयान में बताया गया है कि बांग्लादेशी नागरिकों को 7 अगस्त की दोपहर के वक्त दो सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास जमा होते देखा गया. ये लोग बांग्लादेश में प्रदर्शनकारियों के हमलों के डर से यहां पहुंचे थे.

इधर,बांग्लादेश के गाजीपुर में काशिमपुर सेंट्रल जेल से 209 कैदी के फरार होने की खबर है. ढाका ट्रिब्यून की मानें तो, उन्होंने सुरक्षाकर्मियों को बंधक बना लिया था. इस बीच मुठभेड़ में 6 लोगों की मौत हो गयी. इनमें 3 आतंकवादी भी शामिल हैं.

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनेगी अंतरिम सरकार
बांग्लादेश में गुरुवार को अंतरिम सरकार बनने वाली है. राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार शपथ लेगी. सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां ने बताया कि अंतरिम सरकार गुरुवार रात आठ बजे शपथ ग्रहण का कार्यक्रम है. सलाहकार परिषद में 15 सदस्य हो सकते हैं.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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