Bangladesh Protests: बांग्लादेश में हिंदुओं को कितनी बार बनाया गया निशाना? आंकड़ों पर डालें एक नजर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Aug 2024 5:34 PM
Bangladesh Hindu: बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले की खबर आई तो पूरा देश चिंतित हो गया. लेकिन क्या पहली बार बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया. पढ़ें क्या है एन ओ सलिश केंद्र के आंकड़ों में...
Bangladesh Hindu: बांग्लादेश में हिंसा की खबर से पूरी दुनिया चिंतित है. इस बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख नियुक्त किए गए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने जनता से शांति कायम करने और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचने की अपील की है. भारत के इस पड़ोसी देश से हिंदुओं पर हमले की खबर आई. कई मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन सवाल उठता है कि क्या पहली बार बांग्लादेश में हिंदुओं पर अटैक किया गया हैं?
कितनी बार हिंदुओं पर किए गए हमले?
बांग्लादेश के एक मानवाधिकार समूह एन ओ सलिश केंद्र के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2013 से लेकर सितंबर 2021 के बीच हिंदू समुदाय पर 3,679 बार अटैक किया गया. इसमें तोड़फोड़, आगजनी के अलावा इस अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा शामिल है. साल 2021 में हिंदू अल्पसंख्यकों के घरों और मंदिरों पर दुर्गा पूजा के दौरान हुए हमले किए गए मानवाधिकार समूह एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा था कि बांग्लादेश में पिछले कई सालों से लोगों पर लगातार हमले, सांप्रदायिक हिंसा और अल्पसंख्यकों घरों-पूजास्थलों को नुकसान पहुंचाना यह दर्शाता है कि ये देश अल्पसंख्यकों की रक्षा करने में विफल रहा है.
इस बार मुस्लिम समुदाय कर रहा है हिंदुओं की रक्षा
शेख हसीना के इस्तीफे के बाद बांग्लादेश हिंसा की आग में ज्यादा जलने लगा. सेना ने देश पर कब्जा किया और अब अंतरिम सरकार बनने जा रही है. इस बार की हिंसा के बाद कुछ पॉजिटिव चीजें भी देखने को मिलीं. जैसे कुछ हिंदू भाई की रक्षा करने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग सामने आए. सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग हिंदुओं के धार्मिक स्थल की रक्षा करने के लिए उसके सामने बैठ दिखे.
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क्यों बनाया जाता है हिंदुओं को निशाना ?
ऐसा कहा जाता है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को आमतौर पर शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग का समर्थक माना जाता है. यही वजह है कि यहां इनपर अक्सर विरोधियों की ओर से हमले की खबर आती है. शेख हसीना दोनों समुदाय को साथ लेकर चलने में विश्वास रखतीं थीं. शेख हसीना के देश छोड़कर जाने के बाद सोशल मीडिया में हिंदुओं की संपत्ति और मंदिरों पर हमले से जुड़ी खबरें आईं. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 6 अगस्त को संसद में जो जानकारी दी वह चिंता बढ़ाने वाली है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों पर हमले की खबर है. उनकी दुकानों और मंदिरों पर कई जगह हमले की जानकारी मिली है. हालांकि, अभी इस बारे में पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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