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विधानसभा चुनाव: प्रचार का समय बढ़ा, आयोग ने जारी की नई गाइडलाइन

Updated at : 13 Feb 2022 8:14 AM (IST)
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विधानसभा चुनाव: प्रचार का समय बढ़ा, आयोग ने जारी की नई गाइडलाइन

Budaun: Samajwadi Party (SP) supporters hold party's flags during a public meeting of SP President Akhilesh Yadav, ahead of the second phase of the Uttar Pradesh Assembly elections, at Loda Baheri village in Budaun, Saturday, Feb. 12, 2022. (PTI Photo)(PTI02_12_2022_000106B)

election commission new guidelines : निर्वाचन आयोग ने आठ जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के चलते प्रत्यक्ष रैलियों, रोड शो और पदयात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया था.

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निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव प्रचार पर कोविड-19 के कारण लगे प्रतिबंधों में शनिवार को ढील देते हुए सीमित संख्या में लोगों के साथ पदयात्राओं की अनुमति दे दी और साथ ही प्रचार अभियान के लिए एक दिन में चार घंटे का समय बढ़ा दिया. आयोग के अनुसार, चुनाव प्रचार अब सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक के बजाय सुबह छह बजे से रात 10 बजे के बीच किया जा सकता है जिसमें कोविड उपयुक्त व्यवहार और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा. इससे उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को एक दिन में प्रचार करने के लिए चार घंटे और मिलेंगे.

महामारी की स्थिति की समीक्षा

निर्वाचन आयोग ने आठ जनवरी को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के चलते प्रत्यक्ष रैलियों, रोड शो और पदयात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया था. आयोग समय-समय पर महामारी की स्थिति की समीक्षा कर रहा है और कुछ छूट दे रहा है.

खुले स्थानों की क्षमता के अधिकतम 50 प्रतिशत

निर्वाचन आयोग ने एक बयान में कहा कि राजनीतिक दल और उम्मीदवार निर्धारित खुले स्थानों की क्षमता के अधिकतम 50 प्रतिशत या राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा निर्धारित सीमा, जो भी कम हो, के साथ खुले क्षेत्रों में प्रचार कर सकते हैं. अभी तक सभा और रैलियों जैसे बाहरी आयोजनों की सीमा खुली जगह या मैदान की क्षमता का 30 प्रतिशत थी.

जिला अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेनी होगी

पदयात्राओं पर निर्वाचन आयोग ने कहा कि इस तरह के जमावड़े में राज्य आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा अनुमत संख्या से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकते तथा इसके लिए जिला अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेनी होगी. विधानसभा चुनाव 10 फरवरी को शुरू हुए और सात मार्च को समाप्त होंगे. परिणाम 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे.

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चुनावी राज्यों में महामारी की स्थिति की समीक्षा

निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसने शनिवार को देश में, खासकर चुनावी राज्यों में महामारी की स्थिति की समीक्षा की. इसने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोविड की जमीनी स्थिति में काफी सुधार हुआ है और देश में संक्रमण के मामले तेजी से घट रहे हैं। यहां तक ​​कि दर्ज मामलों में भी गैर-चुनावी राज्यों से अधिकतम मामले सामने आए हैं.

चुनावी राज्यों में कोविड के मामलों में पर्याप्त कमी

आयोग ने कहा कि देश में दर्ज संक्रमण के कुल मामलों में चुनावी राज्यों में काफी कम मामले हैं. इसने कहा कि कोविड मामलों का अखिल भारतीय आंकड़ा 21 जनवरी के लगभग 3.47 लाख मामलों से घटकर शनिवार को लगभग 50,000 हो गया. बयान में कहा गया कि चुनावी राज्यों-उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा में इस साल 22 जनवरी को कुल मामलों की संख्या 32,000 से अधिक थी, जो 12 फरवरी को घटकर लगभग 3,000 हो गई. इसमें कहा गया कि आयोग ने देश में और साथ ही चुनावी राज्यों में कोविड के मामलों में पर्याप्त कमी पर गौर किया. तथ्यों और परिस्थितियों, चुनाव में अधिक से अधिक भागीदारी की राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की आवश्यकता के आधार पर आयोग ने तत्काल प्रभाव से चुनाव प्रचार के प्रावधानों में और ढील दी है.

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