चुनाव चिह्न से हुई अजित पवार के शव की पहचान! प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी बात
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 29 Jan 2026 8:02 AM
अजित पवार के शव की पहचान कैसे हुई? जानें (Photo: PTI)
Ajit Pawar : एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि विमान दुर्घटना के बाद अजित पवार के पार्थिव शरीर की पहचान उनकी कलाई घड़ी से हुई. जानें प्रत्यक्षदर्शियों ने और क्या बताया.
Ajit Pawar : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की कलाई घड़ी पुणे जिले में विमान दुर्घटनास्थल पर उनकी पहचान करने में काफी मददगार साबित हुई. प्रत्यक्षदर्शियों की ओर से यह दावा किया जा रहा है. ग्रामीण जब घटनास्थल पर पहुंचे तो दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा आग की लपटों में घिरा हुआ था. मलबा बारामती हवाई अड्डे पर रनवे के किनारे से 200 मीटर की दूरी पर बिखरा पड़ा था. प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि पवार की पहचान उनकी कलाई घड़ी से हुई. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने यह खबर दी है.
‘घड़ी’ दिवंगत अजित पवार की पार्टी का चुनाव चिह्न
एक वायरल वीडियो में, एक व्यक्ति झुलसे हुए शव की कलाई घड़ी की ओर इशारा करते हुए दावा कर रहा है कि वह अजित पवार हैं. ‘घड़ी’ दिवंगत अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न है. पवार का अंतिम संस्कार गुरुवार को बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. उनकी अंतिम यात्रा के लिए गाड़ी को फूलों से सजाया गया है.
किन लोगों की गई हादसे में जान
अजित पांच फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए पुणे जिले में चार रैलियों को संबोधित करने के वास्ते सुबह मुंबई से रवाना हुए थे. दुर्घटना में जान गंवाने वालों में कैप्टन सुमित कपूर भी शामिल हैं, जिनके पास 15,000 घंटे का उड़ान अनुभव था. 1,500 घंटे का उड़ान अनुभव रखने वाली सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी हादसे में मौत हो गई.
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दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए : शरद पवार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार सुबह पुणे जिले में बारामती हवाई अड्डे के पास विमान दुर्घटना में मौत हो गई. 66 साल के अजित पवार के निधन से न केवल महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है, बल्कि उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. अजित पवार के चाचा और एनसीपी के संस्थापक शरद पवार ने कहा कि यह एक दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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