Delhi Pollution: दिल्ली में वायु प्रदूषण से मिली थोड़ी राहत, AQI 303

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Nov 2022 6:44 AM

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Air pollution decreased in Delhi शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है. 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच बहुत खराब तथा 401 और 500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है.

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दिल्ली में तेज हवाओं के कारण वायु प्रदूषण कुछ कम हुआ. हालांकि, पराली जलाये जाने के कारण हवा की गुणवत्ता भी पूरी तरह सुधार नहीं हो पायी है. दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शनिवार को 303 रिकॉर्ड किया गया. जो शुक्रवार के 346 से बेहतर है. बृहस्पतिवार को औसत सूचकांक 295 था.

शून्य से 50 के बीच एक्यूआई माना जाता है अच्छा

शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा माना जाता है. 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच बहुत खराब तथा 401 और 500 के बीच गंभीर श्रेणी में माना जाता है.

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हवा के कारण वायु गुणवत्ता में हुआ सुधार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अधिकारियों ने कहा कि दिन में दिल्ली में 18-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के कारण हवा की गुणवत्ता और दृश्यता में सुधार हुआ.

दिल्ली-एनसीआर में जीआरपी के चरण तीन के तहत प्रतिबंध जारी

दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी के चरण तीन (गंभीर) के तहत प्रतिबंध जारी रहेगा क्योंकि इस क्षेत्र में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है. जीआरएपी के तीसरे चरण के तहत दिल्ली-एनसीआर में आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर सभी निर्माण और तोड़फोड़ कार्य प्रतिबंधित हैं. ईंट भट्टों, हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन क्रशर को भी संचालित करने की अनुमति नहीं है.

दिल्ली में वायु प्रदूषण की मुख्य वजह पराली जलाना

दिल्ली में वायु प्रदूषण की मुख्य वजह पराली जलाने को बताया जाता है. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं शुक्रवार को 3916 से कम होकर शनिवार को 2467 पर पहुंच गई. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत पूर्वानुमान एजेंसी ‘सफर’ के अनुसार, दिल्ली के पीएम 2.5 प्रदूषण में पराली के प्रदूषण की हिस्सेदारी शुक्रवार को 19 प्रतिशत से घटकर शनिवार को 17 प्रतिशत हो गई.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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