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#EVM tempering issue : बेदाग निकलेगा चुनाव आयोग या फिर केजरीवाल की होगी जय-जय, आज होगा ऐलान

Updated at : 20 May 2017 8:14 AM (IST)
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#EVM tempering issue : बेदाग निकलेगा चुनाव आयोग या फिर केजरीवाल की होगी जय-जय, आज होगा ऐलान

नयी दिल्ली : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में टेंपरिंग को लेकर छिड़े राजनीतिक रार के बीच निर्वाचन आयोग बेदाग निकलेगा या फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मशीन में होने वाली तथाकथित टेंपरिंग को सही साबित करके जनता की वाह-वाही लूटेंगे? इस मसले में दूध का दूध और पानी-पानी करने के लिए निर्वाचन आयोग शनिवार […]

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नयी दिल्ली : इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में टेंपरिंग को लेकर छिड़े राजनीतिक रार के बीच निर्वाचन आयोग बेदाग निकलेगा या फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मशीन में होने वाली तथाकथित टेंपरिंग को सही साबित करके जनता की वाह-वाही लूटेंगे? इस मसले में दूध का दूध और पानी-पानी करने के लिए निर्वाचन आयोग शनिवार को मशीन में होने वाली टेंपरिंग को साबित करने के लिए तारीख का ऐलान करेगा. एक ओर दिल्ली नगर निगम में भाजपा के हाथों मिली करारी हार से तिलमिलाये मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके दल के लोग हार के पीछे ईवीएम में होने वाली गड़बड़ी को अहम कारण बता रहे हैं, वहीं चुनाव आयोग मशीन सही साबित करने के लिए राजनीतिक दलों को खुली चुनौती देने की तैयारी में जुटा है. निवार्चन आयोग की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में इस बात की पुष्टि भी की है कि वह शनिवार को तारीख का ऐलान करेगा.

इस खबर को भी पढ़िये : ईवीएम से छेड़छाड़ का मामला : चुनाव आयोग ने 12 को बुलायी सर्वदलीय बैठक

मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बीती 12 मई को इस मुद्दे पर बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक के बाद ईवीएम में टेंपरिंग किये जा सकने के तमाम राजनीतिक दलों के दावे को सही साबित करने का मौका देने की घोषणा की थी. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राजनीतिक दलों को 29 मई के बाद जून के पहले सप्ताह में कभी भी ईवीएम में गड़बड़ी साबित करने की चुनौती दी जा सकती है. इसके लिए आयोग आज एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर खुली चुनौती की तारीख का ऐलान करेगा.

सात राष्ट्रीय पार्टी समेत राज्यों के 48 दल लेंगे भाग

अधिकारी ने बताया कि आयोग की ओर से सभी सात राष्ट्रीय दल और 48 राज्य स्तरीय दलों को खुली चुनौती में हिस्सा लेने के लिए बुलाया जायेगा. इसके लिए आयोग चुनौती में शामिल होने के इच्छुक दल को हाल ही में संपन्न हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के किसी भी मतदान केंद्र की मशीन के साथ छेड़छाड़ करने का विकल्प चुनने के लिए एक सप्ताह का समय देगा.

राजनीतिक पार्टियों को बारी-बारी से मिलेगा मौका

चुनौती स्वीकार करने वाले हर राजनीतिक दल को मशीन में गड़बड़ी करने का अपना दावा सही साबित करने के लिए अलग-अलग मौका दिया जायेगा. इस दौरान आयोग भविष्य में होने वाले सभी चुनाव वीवीपेट युक्त ईवीएम से कराने की भी आधिकारिक घोषणा करेगा. इससे पहले दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में वीवीपेट युक्त ईवीएम की कार्यप्रणाली का मीडिया के समक्ष सजीव प्रदर्शन किया जायेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था वीवीपेट युक्त ईवीएम से वोटिंग कराने का आदेश

अधिकारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले वीवीपेट युक्त ईवीएम से मतदान कराने की तैयारी करने का आदेश दिया था. इसके पालन को सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने लोकसभा चुनाव से पहले ही इस साल के अंत में होने वाले गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी वीवीपेट युक्त ईवीएम से चुनाव कराने की तैयारी कर ली है.

गुजरात समेत अन्य राज्यों में विस चुनाव के लिए खरीदी जा रहीं मशीनें

उन्होंने बताया कि दोनों राज्यों के विधानसभा चुनाव कराने के लिए आयोग के पास लगभग 50 हजार वीवीपेट मशीनें पहले से मौजूद हैं. इस बीच आयोग ने मशीनों की खरीद प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है. जल्द ही इसके लिए निविदा जारी की जायेगी.

चुनाव आयोग ने संसदीय समिति से ईवीएम को पूरी तरह प्रामाणिक होने की बात कही

चुनाव आयोग ने संसद की एक स्थायी समिति से कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन छेड़छाड़ से मुक्त और प्रामाणिक हैं.चुनाव आयोग ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी ‘ईवीएम चुनौती’ की घोषणा करने के एक दिन पहले संसदीय समिति के सामने अपनी राय रखी थी. कार्मिक, लोक शिकायत, कानून एवं न्याय पर संसद की स्थायी समिति के समक्ष पेश हुए आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती और ये पूरी तरह प्रामाणिक हैं. आयोग की ओर से उप चुनाव आयुक्तों उमेश सिन्हा और विजय देव तथा अन्य अधिकारियों ने पक्ष रखा.

आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली समिति ने किया था आयोग को तलब

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली संसदीय स्थाई समिति ने चुनाव सुधारों के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग के अधिकारियों और कानून मंत्रालय के विधायी सचिव को तलब किया था. समिति के एक सदस्य ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने संसदीय समिति को आश्वस्त किया कि ईवीएम छेड़छाड़ रहित हैं और आयोग ने भविष्य में सभी चुनावों में वीवीपीएटी या पेपर ट्रेल मशीनों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है, जिससे मतदाताओं का इन मशीनों में भरोसा और बढ़ेगा.

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