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11 हजार करोड़ की लागत से बना पेरिफेरल एक्सप्रेस वे अगस्त में होगा तैयार, मोदी करेंगे राष्ट्र को समर्पित

Updated at : 28 Apr 2017 4:02 PM (IST)
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11 हजार करोड़ की लागत से बना पेरिफेरल एक्सप्रेस वे अगस्त में होगा तैयार, मोदी करेंगे राष्ट्र को समर्पित

पलवल (हरियाणा) : देश के पहले स्मार्ट और हरित राजमार्ग पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसव का निर्माण इस साल अगस्त में पूरा होगा. इससे दिल्ली से यातायात की भीडभाड को खत्म करने में मदद मिलेगी. केंद्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 135 किलोमीटर लंबे 11,000 करोड़ रुपये […]

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पलवल (हरियाणा) : देश के पहले स्मार्ट और हरित राजमार्ग पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसव का निर्माण इस साल अगस्त में पूरा होगा. इससे दिल्ली से यातायात की भीडभाड को खत्म करने में मदद मिलेगी. केंद्रीय सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज यह जानकारी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 135 किलोमीटर लंबे 11,000 करोड़ रुपये के एक्सेस नियंत्रित छह लेन के एक्सप्रेस वे को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.

इस परियोजना में स्मार्ट और इंटेलिजेंट यातायात प्रबंधन प्रणाली (एचटीएमएस) तथा घटनाक्रम को पकडने वाली वीडियो प्रणाली (वीआईडीएस) होगी। इसके अलावा इस एक्सप्रेस वे पर एक क्लोज्ड टोल प्रणाली होगी जिसमें जितनी दूरी की यात्रा करनी होगी उसके लिए टोल संग्रहण किया जाएगा, पूरी लंबाई के लिए नहीं. गडकरी ने कहा कि यह परियोजना अगस्त तक पूरी होने की पूरी उम्मीद है. हमें भूमि अधिग्रहण पर 5,900 करोड रुपये की भारी राशि खर्च कर चुके हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘एक बार यह परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली में यातायात की भीडभाड को कम किया जा सकेगा. इसमें सर्वश्रेष्ठ आटोमैटिक यातायात प्रबंधन प्रणाली, आसपास हरियाली से भरी पृष्ठभूमि के लिए बुनियादी सुविधाएं होंगी. हम कम से कम ढाई लाख पेड लगा रहे हैं. एक्सप्रेवे पर रोशनी सौर पैनलों से की जाएगी.
गडकरी ने कहा कि पूर्वी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे राजमार्ग निर्माण में एक मानक स्थापित करेगा। पर्यावरणनुकूल होने के साथ इसमें विश्वस्तरीय सुरक्षा खूबियां तथा स्मार्ट ढांचा होगा. इस परियोजना की शुरआत 14 सितंबर, 2015 को हुई थी. इसमें एनटीपीसी के विभिन्न ताप बिजलीघरों से 10 लाख टन फ्लाईएश का इस्तेमाल होगा.
इसे कूडे-कचरे को कम करने और प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी. इस परियोजना में कई अडचनें आईं और अंतत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 नवंबर, 2015 को इसकी आधारशिला रखी. इससे रोजाना राष्ट्रीय राजधानी से गुजरने वाले करीब दो लाख वाहनों को इस एक्सप्रेसवे की ओर मोडा जा सकेगा. इससे प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलेगी.
गडकरी ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में परियोजना स्थलों का निरीक्षण किया. मंत्री ने कहा कि सभी टोल प्लाजा तेज इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रहण (ईटीसी) प्रणाली से जुडे होंगे जिससे यात्रियों बिना किसी अडचन वाली यात्रा का अनुभव मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे पर एचटीएमएस लगा होगा.
इसमें वैरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस), सीसीटीवी, वीआईडीएस, चेतावनी उपकरण, तेज गति से ड्राइविंग की जांच की प्रणाली, पेवमेंट मैनेजमेंट प्रणाली तथा फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क होगा। एक्सप्रेसवे के साथ कई बुनियादी सुविधाएं मसलन पेट्रोल पंप, मोटल, आराम का क्षेत्र, रेस्तरां, दुकानें, मरम्मत सेवाएं उपलब्ध होंगी.
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