कचरा शोधन संयंत्र न होने पर बंद कर दी जाएंगी औद्योगिक इकाइयां : सुप्रीम कोर्ट

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते प्रदुषण को देखते हुए कड़ा फैसला लिया है. शीर्ष कोर्ट ने नदियों और तालाबों में दूषित कचरा प्रवाहित करने पर अंकुश लगाने के लिये आज व्यवस्था दी कि देशभर में औद्योगिक इकाइयों को नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर कचरा शोधन संयंत्र स्थापित करने होंगे और निर्धारित […]
नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ते प्रदुषण को देखते हुए कड़ा फैसला लिया है. शीर्ष कोर्ट ने नदियों और तालाबों में दूषित कचरा प्रवाहित करने पर अंकुश लगाने के लिये आज व्यवस्था दी कि देशभर में औद्योगिक इकाइयों को नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर कचरा शोधन संयंत्र स्थापित करने होंगे और निर्धारित अवधि में ऐसा ना करने वाली औद्योगिक इकाइयों को बंद कर दिया जाएगा.
प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को निर्देश दिया कि वे सार्वजनिक विज्ञापन के जरिए सभी औद्योगिक इकाइयों को समान नोटिस जारी करें जिससे कि उनके द्वारा कचरा शोधन संयंत्र लगाया जाना सुनिश्चित हो सके जो औद्योगिक गतिविधियां चलाने के लिए कानून के तहत आवश्यक है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




