सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कार्ति चिदंबरम के 21 गुप्त खातों की जानकारी सार्वजनिक की, तो मिला ये जवाब
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Feb 2017 8:03 AM
नयी दिल्ली : भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम पर एक बार फिर नि शाना साधा है. उन्होंने दावा किया है कि कार्ति चिदंबरम और उनकी कंपनियों के विदेशी बैंकों में 21 खाते ऐसे हैं जिनकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को उपलब्ध नहीं करायी गई है. स्वामी […]
नयी दिल्ली : भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम पर एक बार फिर नि शाना साधा है. उन्होंने दावा किया है कि कार्ति चिदंबरम और उनकी कंपनियों के विदेशी बैंकों में 21 खाते ऐसे हैं जिनकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को उपलब्ध नहीं करायी गई है.
स्वामी ने वित्त मंत्रालय पर इस मामले में चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की मांग की. एक प्रेस नोट में स्वामी ने वित्त मंत्रालय और इनकम टैक्स अधिकारियों पर कार्ति चिदंबरम के बारे में जानकारी दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है.
स्वामी ने जांच को सही दिशा नहीं देने का हवाला दिया और सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर भी बरसे.
भाजपा नेता ने प्रेस रिलीज में कहा कि हैरत की बात है कि कार्ति चिदंबरम और उनके नियंत्रण वाली कंपनियों के 21 अघोषित विदेशी खातों की जानकारी मुहैया कराने के बावजूद सीबीआई और ईडी उनके खिलाफ कार्यवाही को सही अंजाम तक पहुंचाने में विफल रही है. तीन बार तलब करने पर भी कार्ति ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए.
स्वामी ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्रालय में बैठे चिदंबरम के मित्रों के दबाव में इनकम टैक्स डिर्पाटमेंट ने मामले में कार्रवाई को अंजाम तक नहीं पहुंचाया. आगे उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स अधिकारियों को कार्ति चिदंबरम और भारत में उनकी पैरंट कंपनियों की ओर से इन विदेशी खातों के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गई. ये अकाउंट्स कई विदेशी बैंकों के हैं- जैसे मोनको के बार्कलेज बैंक, यूके के मेट्रो और एचएसबीसी बैंक, सिंगापुर के स्टैंडर्ड चार्टर्ड और ओसीबीसी बैंक, स्विट्जरलैंड के यूबीएस बैंक आदि.
उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि ऐसे मामलों को देखकर लगता है कि मुझे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में नजरअंदाज किये जा रहे ऐसे मुद्दों में हर बार प्रधानमंत्री का रिमाइंड कराना पड़ेगा और उनके दखल की मांग करनी पड़ेगी. देश की जनता को पता है कि वित्त मंत्रालय ने नोटबंदी को पूर्ण समर्थन नहीं दिया जिसके कारण पूर्ण वांछित परिणाम नहीं मिल पाया.
स्वामी के इस आरोप पर कार्ति चिदंबरम ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोपों की निंदा की और अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि मेरी फाइलिंग बिल्कुल अप टु डेट है और नियम-कानून के अनुसार है. उन्होंने कहा कि इनकम टैक्स फाइलिंग में उनके परिवार की और उनकी संपत्तियों का सही-सही ब्यौरा है. कार्ति ने ट्वीट किया कि कानूनी जरूरतों के हिसाब से मेरी कंपनियों ने सभी घोषणाएं की हैं.
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