कालाधन के बाद अब बेनामी संपत्ति पर वार, कानून को बनाया धारदार : मोदी
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार पर बेनामी सम्पत्ति से जुडे कानून को कई दशकों तक ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार […]
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नयी दिल्ली : बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत सरकार पर बेनामी सम्पत्ति से जुडे कानून को कई दशकों तक ठंडे बस्ते में डालने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने बेनामी सम्पत्ति कानून को धारदार बनाया है और आने वाले दिनों में यह कानून अपना काम करेगा.
आकाशवाणी पर आज प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ मैंने पहले ही दिन कहा था, 8 तारीख को (नोटबंदी की घोषणा के दिन) कहा था, ये लडाई असामान्य है. 70 साल से बेईमानी और भ्रष्टाचार के काले कारोबार में कैसी शक्तियां जुडी हुई है? उनकी ताकत कितनी है? ऐसे लोगों से मैंने जब मुकाबला करना ठान लिया है तो वे भी तो सरकार को पराजित करने के लिए रोज नये तरीके अपनाते हैं.’
उन्होंने कहा कि जब वो नये तरीके अपनाते हैं तो हमें भी तो उसके काट के लिये नया तरीका ही अपनाना पडता है. तू डाल-डाल, तो मैं पात-पात, क्योंकि हमने तय किया है कि भ्रष्टाचारियों को, काले कारोबारों को, काले धन को, मिटाना है.’ भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर कदम जारी रखने का संकल्प व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये पूर्ण विराम नहीं है, ये तो अभी शुरुआत है. ये जंग जीतना है और थकने का तो सवाल ही कहां उठता है, रुकने का तो सवाल ही नहीं उठता है.’ उन्होंने कहा कि जिस बात पर सवा-सौ करोड देशवासियों का आशीर्वाद हो, उसमें तो पीछे हटने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको मालूम होगा हमारे देश में बेनामी संपत्ति का एक कानून है. उन्नीस सौ अठास्सी में बना था, लेकिन कभी भी न उसके नियम बनें, उसको अधिसूचित नहीं किया. ऐसे ही वो ठंडे बस्ते में पडा रहा. हमने उसको निकाला है और बडा धारदार बेनामी संपत्ति का कानून हमने बनाया है. आने वाले दिनों में वो कानून भी अपना काम करेगा. देशहित के लिये, जनहित के लिये, जो भी करना पडे, ये हमारी प्राथमिकता है.
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