ePaper

इमरजेंसी लैंडिंग मामला : तृणमूल ने लगाया ममता को मारने की साजिश का आरोप, इंडिगो ने दी सफाई

Updated at : 01 Dec 2016 4:28 PM (IST)
विज्ञापन
इमरजेंसी लैंडिंग मामला :  तृणमूल ने लगाया ममता को मारने की साजिश का आरोप, इंडिगो ने दी सफाई

नयी दिल्ली : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कलइंडिगो विमान में सवार होकर पटना से कोलकाता जा रही थी. कोलकाता हवाईअड्डे पर विमान की लैंडिंग में काफी वक्त लगा. यात्रियों की सुरक्षा को जोखिम में डालने के आरोपों पर एयरलाइन ने आज प्रतिक्रिया दी है. एयरलाइन ने इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कलइंडिगो विमान में सवार होकर पटना से कोलकाता जा रही थी. कोलकाता हवाईअड्डे पर विमान की लैंडिंग में काफी वक्त लगा. यात्रियों की सुरक्षा को जोखिम में डालने के आरोपों पर एयरलाइन ने आज प्रतिक्रिया दी है. एयरलाइन ने इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा , हवाईअड्डे पर जगह नहीं होने के कारण कल विमान को उतारने में विलंब हुआ, विमान ने सामान्य लैंडिग की और इसमें पर्याप्त ईंधन मौजूद था.

अपने विस्तृत वक्तव्य में इंडिगो ने कहा कि विमान संख्या ‘6 ई 342′ जिसमें 174 यात्री सवार थे उसने कोलकाता हवाईअड्डे पर सामान्य लैंडिग की और विमान के कप्तान ने ईंधन की जरूरत या आपात स्थिति की घोषणा नहीं की थी. कंपनी ने इसे हवाई यातायात नियंत्रक (एटीसी) और पायलट के बीच हुई गलतफहमी बताया.
पटना से कोलकाता जा रहा इंडिगो का विमान, जिसमें ममता बनर्जी सवार थी उसे खबरों के मुताबिक ईंधन कम होने के बावजूद हवाईअड्डे पर देर से उतारा गया. तृणमूल के सदस्यों ने इस मुद्दे को आज संसद में उठाया. पार्टी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के खिलाफ किसी भी तरह की साजिश का पता लगाने के लिए मामले की जांच की मांग की है. इंडिगो ने वक्तव्य में कहा है कि विमान जब यहां पहुंचा तब उसमें रास्ता बदलने के लिए जरूरी न्यूनतम ईंधन से भी अधिक मात्रा में ईंधन मौजूद था और नियामक कानूनों का कोई उल्लंघन नहीं किया गया.
इसमें कहा गया, ‘‘कोलकाता में हवाई यातायात में भीड़भाड़ की वजह से विमान की लैंडिंग में देर हुई. उडान संख्या ‘6 ई 342′ के पायलट ने एटीसी से कहा था कि मार्ग बदलकर योजनाबद्ध स्थान पर जाने से पहले कोलकाता (गंतव्य) के ऊपर उडाते रहने के लिए उनके पास आठ मिनट का अतिरिक्त ईंधन है.’
वक्तव्य में आगे कहा गया, ‘‘लेकिन इस सूचना का एटीसी ने गलत मतलब निकाला और उन्हें ऐसा लगा कि विमान के पास कुल ईंधन में से महज आठ मिनट का ईंधन बचा है.’ इंडिगो के मुताबिक इस गलतफहमी की वजह से एटीसी ने फायर इंजिनों और एंबुलेंसों को हवाईअड्डे पर तैनात कर दिया.
वक्तव्य में कहा गया, ‘‘हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि इंडिगो के कप्तान ने किसी भी चरण में ईंधन प्राथमिकता या आपात स्थिति की घोषणा नहीं की थी. बाद में विमान ने कोलकाता हवाईअड्डे पर आठ बजकर 40 मिनट पर सामान्य लैंडिंग की (भीडभाड की वजह से निर्धारित समय से एक घंटे देरी से) ‘ इसमें कहा गया कि नियामक कानूनों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है.
सरकार ने आज संसद को जानकारी दी कि उड्डयन नियामक डीजीसीए ने तीन विमानों की जांच का आदेश दिया है. इनमें से एक विमान में ममता बनर्जी सवार थीं. खबर थी कि तीनों विमानों में एक ही समय में कम ईंधन की जानकारी मिली थी जिसके बाद तृणमूल और अन्य विपक्षी पार्टियों ने ममता के खिलाफ कथित साजिश और उनका जीवन खतरे में होने का आरोप लगाया था.
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने ममता बनर्जी की जान को खतरा होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को पता लगाना चाहिए कि कोई षड्यंत्र तो नहीं था. निचले सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि नोटबंदी के फैसले के बाद ममता बनर्जी की जान को खतरा है. वह कोलकाता से पटना और लखनऊ तथा देशभर में जा रहीं हैं. उनकी जैसी अति महत्वपूर्ण शख्सियतों वीवीआईपी के विमानों को प्राथमिकता के साथ उतरने की अनुमति दी जानी चाहिए. केंद्रीय मंत्री राजू ने कहा, यह कहना गलत है कि विमान कोलकाता के ऊपर 30-40 मिनट तक हवा में उडता रहा.
विमान केवल 13 मिनट के लिए आसमान में उडता रहा. डीजीसीए ने इस मामले में जांच का आदेश दे दिया है कि सभी तीनों विमानों में एक ही समय पर इ’धन कैसे कम हुआ।’ उन्होंने बताया कि ममता बनर्जी जिस इंडिगो के विमान में सवार थीं, विमानपत्तन पर उतरने के क्रम में उसके आगे एयर इंडिया का एक विमान था और पीछे स्पाइस जेट का विमान था.
नागरिक विमानन मंत्री के मुताबिक इन तीनों विमानों ने कम इ’धन की शिकायत की लेकिन तीनों में से किसी के भी पायलट ने प्राथमिकता के साथ उतरने .प्रायोरिटी लैंडिंग. की मांग नहीं की जबकि वायु यातायात नियंत्रक एटीसी ने इसके लिए कहा था. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और सभी यात्रियों की सुरक्षा चिंता का विषय है और सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है.
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि इस सेवा विमान में ममता के अलावा करीब 100 यात्री भी सवार थे. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कल किसी अन्य विपक्षी नेता के साथ भी ऐसा हो सकता है.
सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, सपा के राम गोपाल यादव, बसपा की मायावती, जदयू के शरद यादव, राजद के प्रेमचंद गुप्ता, माकपा के टी के रंगराजन, अन्नाद्रमुक के नवनीत कृष्णन और द्रमुक के टी शिवा ने मामले को गंभीर बताते हुए इसकी जांच कराए जाने और रिपोर्ट सदन में पेश किए जाने की मांग की. मनोनीत के टी एस तुलसी ने कहा कि इस मामले में सामने आये तथ्य हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने तथा जांच के लिए पर्याप्त हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola