जम्मू-कश्मीर में 5 साल में 761 आतंकी हमले... राज्यसभा में बोले नित्यानंद राय, कहा- 174 नागरिकों की जान गई

Edited by Pritish Sahay
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गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि पिछले पांच सालों में देश के भीतरी इलाकों में 5 आतंकवादी घटनाएं हुईं और 3 नागरिकों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में कोई सशस्त्र बल का सिपाही हताहत नहीं हुआ है और 1 आतंकवादी मारा गया.

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Terror Attack in India: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 2018 से 31 जुलाई 2023 तक 319 सुरक्षाकर्मी मारे गए, जबकि 791 आतंकवादी घटनाएं हुईं, मुठभेड़ों और जवाबी कार्रवाई के दौरान 35 नागरिक मारे गए है. उन्होंने कहा कि इसी अवधि में हुई 626 मुठभेड़ों में केंद्र शासित प्रदेश में 35 नागरिक मारे गए. इसी अवधि के दौरान 308 सुरक्षाकर्मी शहीद भी हुए. इस दौरान सुरक्षा बल के जवानों मुहतोड़ जवाब देते हुए 1002 आतंकवादियों को मार गिराया.

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा  में बताया कि पिछले पांच सालों में देश के भीतरी इलाकों में 5 आतंकवादी घटनाएं हुईं और 3 नागरिकों की मौत हुई है. उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में कोई सशस्त्र बल का सिपाही हताहत नहीं हुआ है और 1 आतंकवादी मारा गया.

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हिंसा और घुसपैठ में आयी कमी- गृह राज्य मंत्री
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने आज यानी मंगलवार को लोकसभा में कहा कि पिछले दो सालों में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी हिंसा और घुसपैठ में कमी आई है. उन्होंने यह भी बताया कि इस साल जून के अंत तक आतंकी हिंसा की 26 घटनाएं हुई हैं और कोई घुसपैठ नहीं हुई है. राय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि साल 2022 में आतंकवाद से संबंधित 125 घटनाएं और घुसपैठ की 14 घटनाएं हुई थी. वर्ष 2021 में आतंकवाद की 134 और घुसपैठ की 34 की घटनाएं हुईं.

जम्मू-कश्मीर में मारे गए कुल 174 नागरिक
राज्य सभा में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि पिछले पांच सालों केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कोई आतंकी हमला नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि 2018 और 2022 के बीच पूर्ववर्ती राज्य में 761 आतंकी हमलों में जम्मू-कश्मीर में कुल 174 नागरिक मारे गए. साथ ही इस दौरान आतंकियों  626 मुठभेड़ों में केंद्र शासित प्रदेश में 35 नागरिक मारे गए.  

आतंकी घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने उठाए कई कदम
मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि आतंकवादी हिंसा को रोकने के लिए सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए जिनमें सक्रिय आतंकवाद विरोधी अभियान, आतंकवादियों के समर्थकों की शिनाख्त और गिरफ्तारी, पुलिस, सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की तैनाती और रात्रि के समय गश्त शामिल हैं. उनका यह भी कहना था कि सरकार ने सीमा पार घुसपैठ से निपटने के लिए अच्छी तरह से समन्वित और बहुआयामी रणनीति अपनाई है जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा/नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों की सामरिक तैनाती और निगरानी कैमरे, नाइट विजन कैमरे और हीट सेंसिंग उपकरण आदि तकनीक का उपयोग शामिल है.

 गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह भी कहा कि देश में एनडीआरएफ को मजबूत करने के लिए, भारत सरकार ने एनडीआरएफ की चार अतिरिक्त बटालियनों की स्थापना को मंजूरी दी थी, जिससे एनडीआरएफ बटालियनों की संख्या 12 से बढ़कर 16 हो गई है.

भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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