Shivsena Row: 'धनुष-बाण' लेने के लिए हुआ 2000 करोड़ का सौदा, संजय राउत का छलका दर्द, कहा- जाएंगे सुप्रीम कोर्ट

Edited by Pritish Sahay
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Shivsena Row: ठाकरे गुट लगातार चुनाव आयोग के फैसले का विरोध कर रहा है. सांसद संजय राउत ने कहा कि कल सुप्रीम कोर्ट में हम चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करेंगे. बता दें, शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत इस मामले में बीजेपी और केन्द्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं.

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Shivsena Row: चुनाव आयोग की ओर से शिवसेना का नाम और सिम्बल शिंदे गुट को देने के बाद सांसद संजय राउत  केन्द्र सरकार पर जोरदार हमला कर रहे हैं. अपने ताजा बयान में उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर जमकर आरोप लगाए. राउत ने कहा कि  अमित शाह क्या बोलते हैं, वो महाराष्ट्र के लोग ध्यान नहीं देते. उन्होंने कहा कि जो सत्य को खरीदने का काम करते हैं वो झूठ और सच की क्या बात कर रहे हैं. इसका निर्णय लेने का काम जनता के पास है, और समय आने पर वो करेगी. राउत ने कहा कि शिवसेना किसकी थी और किसकी होगी ये फैसला महाराष्ट्र के लोग लेंगे.

पैसे की लेनदेन का आरोप: उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह से हमारे चुनाव चिह्न और शिवसेना का नाम लिया गया है, वह सिर्फ नहीं है, यह एक व्यापारिक सौदा है, जिसके लिए 2000 करोड़ रुपये का लेनदेन 6 महीने के भीतर किया गया है. उन्होंने इसे सिर्फ शुरुआती अनुमान जताया है. उन्होंने कहा कि वह पार्टी, नेता और बेईमान गुट जो विधायकों के लिए 50 करोड़, सांसदों के लिए 100 करोड़ और हमारे पार्षदों को खरीदने के लिए 50 लाख से 1 करोड़ की बोली लगाता है. हमारा नाम और चुनाव चिह्न लेने के लिए कितनी बोली लगेगी, आप तय करें? मेरी जानकारी 2,000 करोड़ रुपये है.

अमित शाह ने दिया था यह बयान: गौरतलब है कि शिवसेना मामले को लेकर चुनाव आयोग के दिए गए फैसले का केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वागत किया था. उन्होंने फैसला आने के
बाद कहा कि इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो गया.  किताब ‘मोदी@20’ के मराठी संस्करण के विमोचन के मौके पर उद्धव ठाकरे का नाम लिए बगैर शाह ने यह भी दोहराया कि
2019 के विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री पद साझा करने पर कोई सहमति नहीं बनी थी.

सुप्रीम कोर्ट में करेंगे अपील: बता दें, ठाकरे गुट लगातार चुनाव आयोग के फैसले का विरोध कर रहा है. सांसद संजय राउत ने कहा कि कल सुप्रीम कोर्ट में हम चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करेंगे. बता दें, शिवसेना  के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत इस मामले में बीजेपी और केन्द्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं. राउत ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव चिन्ह और नाम हासिल करने के लिए अब तक 2000 करोड़ के सौदे और लेन-देन हो चुके हैं.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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