रूस पर भारी पड़ रहा यूक्रेन! ड्रोन हमले से दहला मॉस्को, तेल रिफाइनरी बनी निशाना

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Russia Ukraine War

यूक्रेनी ड्रोन हमलों के बाद रूसी रिफाइनरी से उठती लपटें और धुआं, फोटो- एएनआई

Russia Ukraine War: रूस की राजधानी मॉस्को पर यूक्रेन का भीषण हमला हुआ है. हमले में मॉस्को की कई इमारतों से आग और धुएं उठता दिखाई दे रहा है. यूक्रेन ने रूस के ऑयल रिफाइनरियों को भी टारगेट किया है.

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Russia Ukraine War: यूक्रेन ने एक बार फिर रूस की राजधानी मॉस्को को निशाना बनाते हुए बड़ा ड्रोन हमला किया है. रूसी अधिकारियों के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार किए गए इस हमले में मॉस्को की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया. हमले के कारण राजधानी के कई हवाई अड्डों पर वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन भी रोकना पड़ा. चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध के दौरान इसे यूक्रेन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है.

रूस ने 555 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराने का दावा किया

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में यूक्रेन की ओर से भेजे गए 555 ड्रोन को नष्ट कर दिया. मंत्रालय के अनुसार, इनमें से लगभग 200 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे, जिन्हें राजधानी तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया. रूस का कहना है कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूसी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ा दी है.

मॉस्को तेल रिफाइनरी पर गिरे कई ड्रोन

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि शहर के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर कई ड्रोन गिरे. हालांकि अधिकारियों ने तत्काल किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी नहीं दी, लेकिन घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया. रिफाइनरी रूस की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए इस हमले को रणनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है.

हमले के बाद मॉस्को के चार हवाई अड्डों पर उड़ानें रोकी गईं

रूसी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा कारणों से मॉस्को के चार प्रमुख हवाई अड्डों से उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया. ड्रोन हमले के कारण हवाई यातायात प्रभावित हुआ और कई उड़ानों में देरी हुई. रूस में हाल के महीनों में ड्रोन हमलों के बाद हवाई अड्डों पर संचालन रोकने की घटनाएं बढ़ी हैं.

यूक्रेन के हमले के बाद जेलेंस्की ने क्या कहा?

रूस पर हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि कल रात, हमारे लंबी दूरी के हमलों ने एक बार फिर मॉस्को इलाके को निशाना बनाया. इस हफ्ते दूसरी बार मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी पर हमला हुआ है. रोस्तोव इलाके और यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले इलाकों में भी ठिकानों को निशाना बनाया गया. यह हमारे शहरों और समुदायों पर रूस के हमलों का पूरी तरह से जायज जवाब है, और रूस की युद्ध मशीन को चलाने वाले ठिकानों के खिलाफ हमारे सैनिकों की कार्रवाई का एक और अहम नतीजा है.

जेलेंस्की ने ट्रंप और मैक्रों से की बातचीत

रूस पर यूक्रेन का हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ अहम बैठकें और वार्ता की है. जेलेंस्की ने कहा कि यह बातचीत यूक्रेन के लिए बेहद अहम रही और इससे युद्ध की दिशा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. उन्होंने यह भी बताया कि फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान विश्व नेताओं ने यूक्रेन को भविष्य में भी हरसंभव समर्थन देने का भरोसा दिया है.

जी-7 देशों ने दोहराया यूक्रेन के समर्थन का संकल्प

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि हाल के दिन यूक्रेन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे हैं क्योंकि जी-7 देश एक बार फिर उसके समर्थन में एकजुट दिखाई दिए हैं. मैक्रों ने कहा कि सहयोगी देश यूक्रेन को सैन्य और रणनीतिक सहायता देना जारी रखेंगे, ताकि वह अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर सके और रूस के खिलाफ प्रभावी जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम हो.

कजान में आसियान नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं पुतिन

इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को से लगभग 700 किलोमीटर पूर्व स्थित कजान शहर में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेताओं की मेजबानी कर रहे हैं. रूस इस मंच के जरिए एशियाई देशों के साथ व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने की कोशिश में लगा है. क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, दो दिवसीय बैठक में रूस और आसियान देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की जाएगी.

कौन-कौन से देश हैं आसियान के सदस्य?

आसियान (ASEAN) दक्षिण पूर्व एशिया का एक प्रमुख क्षेत्रीय संगठन है. इसके सदस्य देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, पूर्वी तिमोर और वियतनाम शामिल हैं.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जारी है जंग

रूस और यूक्रेन के बीच चार सालों से ज्यादा समय से जंग जारी है. पहले विश्वयुद्ध से ज्यादा लंबी यह लड़ाई खिंच चुकी है. एक ओर यूक्रेन अपने हमलों की पहुंच बढ़ा रहा है, वो रूस के बुनियादी ढांचों पर अब टारगेट कर रहा है. वहीं रूस भी अपनी सुरक्षा और सैन्य प्रतिक्रिया को मजबूत करने में जुटा है.

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प्रीतीश सहाय

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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