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स्मृति ईरानी : ज्योतिष के सहारे राजनीति

Updated at : 24 Nov 2014 2:19 PM (IST)
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स्मृति ईरानी : ज्योतिष के सहारे राजनीति

नयी दिल्ली : रविवार को राजस्थान दौरे पर पहुंची केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कारोई कस्बे में पंडित नाथूलाल व्यास से मुलाकात की. विदित हो कि स्मृति ईरानी ने इससे पहले 2010 में पंडित जी से पहली बार मुलाकात की थी. सूत्रों की मानें तो स्मृति ईरानी ने 2013 में भी पंडित […]

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नयी दिल्ली : रविवार को राजस्थान दौरे पर पहुंची केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कारोई कस्बे में पंडित नाथूलाल व्यास से मुलाकात की. विदित हो कि स्मृति ईरानी ने इससे पहले 2010 में पंडित जी से पहली बार मुलाकात की थी.

सूत्रों की मानें तो स्मृति ईरानी ने 2013 में भी पंडित जी से मुलाकात की थी. उस समय उन्होंने स्मृति ईरानी के लिए बड़ी राजनैतिक संभावना और जिम्मेदारी की भविष्यवाणी की थी. उस समय श्रीमती ईरानी ने कहा था कि यदि ऐसा होता तो निश्चित तौर पर उनसे दुबारा मिलने आएंगी.
रविवार की इस मुलाकात को इसी प्रसंग से जोड़कर देखा जा रहा है. इस मुलाकात में पंडित जी ने श्रीमती ईरानी के लिए आगे और बड़ी राजनैतिक जिम्मेदारी की भविष्यवाणी की. भारतीय राजनीति में ज्योतिष के सहारे भविष्य ढूंढना को नई बात नहीं है. यहां तक कि कई बड़े नेता शपथ लेने से लेकर नामांकन पत्र दाखिल करने तक में ज्योतिष के सहारे अच्छे मुहूर्त का प्रयोग करते हैं.
*चौधरी चरण सिंह का मशहूर किस्सा
आपाताकल के बाद जनता पार्टी की सरकार बनी पर सरकार आपसी विवादों और मतभेदों के बीच ज्यादा नहीं चल पाई. चौधरी साहब को अपने ज्योतिष पर बहुत भरोसा था. यह बात कांग्रेस के धाकड़ नेता संजय गांधी को मालूम हो गई. संजय गांधी ने किसी तरह से जोड़-तोड़ कर उनके ज्योतिषी को फिक्स किया.
इधर आपसी विवादों के बीच सरकार का चलना मुश्किल हो गया. मंत्रियों के इस्तीफे होने लगे. लेकिन चौधरी साहब नेजिन्हें अगला प्रधानमंत्री बनना था, ने अपना इस्तीफा सबसे आखिरी में भेजा.इससे जुड़ा मजेदार पहलू यह है कि ऐसा उन्होंने अपने ज्योतिषी की सलाह पर किया.
* इंदिरा गांधी भी ज्योतिष में रखती थीं आस्था-
स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी समय-समय पर ज्योतिष से सलाह मशविरा करती थीं. ऐसी मान्यता है कि सत्ता में वापसी के लिए अपनी करीबी पंडित कमलापित त्रिपाठी के आग्रह पर निर्जला एकादशी रखते हुए उन्होंने विंध्यवासिनी माता का गंगा स्नान के बाद गीले कपड़ों में दर्शन किया था.इसके अलावा वो धार्मिक तीज त्यौहारों में भी आस्था रखती थीं.
*मोदी की काशी विश्वनाथ पूजा-अर्चना
इस साल संपन्न हुए आम चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी एवं राजनाथ सिंह ने काशी विश्वनाथ में पूजा अर्चना की. मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर काशी विश्वनाथ का जल से रुद्राभिषेककिया जाता है.इसके बाद मोदी राजनाथ सिंह और अमित शाह प्रसिद्ध गंगा आरती में भी शामिल हुए थे.
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