छत्तीसगढ नसबंदी मामला : राहुल ने लगाया आरोप कहा, सरकार मामले को ‘‘रफादफा’’ करने में लगी है

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Nov 2014 12:14 PM

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नयी दिल्ली : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज छत्तीसगढ में बिलासपुर जिले के पेंडारी गांव पहुंचे जहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद वे बिलासपुर पहुंचे और CIMS अस्पताल में भरती महिलाओं से मिले. इस दौरान उन्होंने सुधारात्मक उपायों का जायजा लिया. राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि […]

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नयी दिल्ली : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी आज छत्तीसगढ में बिलासपुर जिले के पेंडारी गांव पहुंचे जहां उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद वे बिलासपुर पहुंचे और CIMS अस्पताल में भरती महिलाओं से मिले. इस दौरान उन्होंने सुधारात्मक उपायों का जायजा लिया.

राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज सुबह से मैं लोगों से मिल रहा हूं उनकी बात सुनकर दुख हुआ. यह सिर्फ लापरवाही का नतीजा नहीं है. यह मामला भ्रष्‍टाचार और नकली दवाओं से भी जुड़ा हुआ है. घटना के बाद से नकली दवाओं को जलाया जा रहा है. इसके लिए साफ तौर से सरकार जिम्मेदार है, लोगों को उचित व्यवस्था देना सरकार का काम है.कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नसबंदी कांड के पीडितों से मुलाकात करने के बाद छत्तीसगढ सरकार पर मामले को ‘‘रफादफा’’ करने के प्रयास का आरोप लगाया और कहा कि इस हादसे में भ्रष्टाचार की ‘‘भूमिका’’ है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि शिविर उचित ठंग से नहीं चल रहा था और अनेक लोगों को नुकसान पहुंचा है. राज्य सरकार जिम्मेदारी नहीं ले रही है और बदले में दवाओं को जलाया जा रहा है और मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जा रहा है. राहुल गांधी ने उन पीडित परिवारों से मुलाकात की जिनके परिजन मौत के शिकार हुए है और अस्पताल का दौरा किया जहां प्रभावित महिलाओं का इलाज चल रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘ पहली चीज तो यह कि मुझे पता लगाना होगा कि क्या हुआ. निश्चित रुप से कहीं कुछ गडबड थी. सरकार जिम्मेदार है और स्वास्थ्य मंत्री (जिम्मेदार हैं). ’’उन्होंने साथ ही कहा, ‘‘मुझे बहुत दुख है. जब एक मां को पीडा होती है तो पूरा परिवार पीडा झेलता है.’’इससे पहले राहुल गांधी ने बिलासपुर के निकट अमसेना गांव में नसबंदी मामले में दम तोड चुकी महिला फूलबाई के पति रुप चंद और अन्य प्रभावितों के परिजनों से मुलाकात की.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के गृह नगर बिलासपुर से 10 किलोमीटर दूर तखतपुर ब्लाक के एक अस्पताल में आठ नवम्बर को आयोजित परिवार कल्याण शिविर में 83 महिलाओं की नसबंदी के आपरेशन किए गए थे जिसमें 12 महिलाओं की मौत हुई है. इसके दो दिन बाद 10 नवम्बर को पेंड्रा ब्लॉक में हुए 56 ऑपरेशनों में एक बैगा आदिवासी महिला की मौत हो गई। अभी बिलासपुर के अपोलो और सिम्स अस्पताल में नसबंदी मामले में अस्वस्थ हुई 122 महिलाएं भर्ती है.

राज्य सरकार ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. वहीं इस मामले में एक चिकित्सक और दवा कंपनी के मालिक तथा उसके बेटे को गिरफ्तार किया गया है. कांग्रेस ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के इस्तीफे की मांग की है. हालांकि, अग्रवाल ने इस मांग को नकारते हुए कहा, ‘‘जब भी कोई घटना होती है, इस संबंध में जिम्मेदारी सरकार की होती है.मैं इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं। इस्तीफे का कोई सवाल नहीं है. मैं निर्णय नहीं लेता. इस संबंध में निर्णय पार्टी करेगी.’’

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