CAB पर इमरान खान ने दी भारत को नसीहत, तो मिला यह दो टूक जवाब...
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Dec 2019 8:13 PM
नयी दिल्ली : पाकिस्तान द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर की गयी टिप्पणी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सभी बयान बयान का जवाब देने की जरूरत है. उनके सभी बयान अनुचित हैं, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी […]
नयी दिल्ली : पाकिस्तान द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर की गयी टिप्पणी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सभी बयान बयान का जवाब देने की जरूरत है. उनके सभी बयान अनुचित हैं, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए.
गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वह सुनियोजित तरीके से हिंदू सर्वोच्चवादी एजेंडा को आगे बढ़ा रही है और इससे पहले कि देर हो जाये, विश्व को अवश्य ही कदम उठाना चाहिए. खान ने सिलसिलेवार ट्वीट में विवादास्पद नागरिकता (संशोधन) विधेयक का जिक्र किया. उन्होंने ट्विटर पर कहा, भारत (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) हिंदू सर्वोच्चवादी एजेंडा के साथ सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ रहा है. खान ने कहा, परमाणु खतरे के तहत पाकिस्तान को धमकियों के साथ यह एजेंडा बड़े पैमाने पर खून-खराबे की ओर ले जायेगा और दुनिया के लिए इसके दूरगामी परिणाम होंगे.
खान की इस टिप्पणी पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टीका टिप्पणी करने के बजाय (पाकिस्तान में) अल्पसंख्यकों के साथ अपने बर्ताव पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए. उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना के कारण 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए गैर मुस्लिम शरणार्थी हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने का इस विधेयक में प्रस्ताव किया गया है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री ऐके अब्दुल मोमेन द्वारा अपना भारत दौरा रद्द करने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री अपना भारत दौरा रद्द करने के पीछे के कारणों पर सफाई दी है. उन्होंने कहा, बांग्लादेश से हमारे संबंध मजबूत हैं. जैसा कि दोनों देशों के नेताओं ने कहा था कि यह दोनों देशों के संबंधों का स्वर्णिम काल है. बांग्लदेश के विदेश मंत्री के बयान पर रवीश कुमार ने कहा, यहां कुछ असमंजस की स्थिति है. हम बता चुके हैं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में धार्मिक उत्पीड़न नहीं हो रहा है. जो लोग भारत में शरणार्थी की तरह रह रहे हैं, उन्होंने धार्मिक आधार पर उत्पीड़न सहा है. यह सब सैन्य शासन और बांग्लादेश की पूर्व के सरकारों के कार्यकाल में हुआ. हमें मालूम है कि बांग्लादेश की वर्तमान सरकार ने अल्पसंख्यकों की चिंताओं पर खास ध्यान दिया है.
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