नीट पेपर लीक : आरोपियों की हिरासत अवधि 15 जून तक बढ़ी, एक आरोपी को परीक्षा के लिए पढ़ाई की अनुमति मिली

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 02 Jun 2026 2:46 PM

विज्ञापन

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, फाइल फोटो

NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक का सच अभी सामने नहीं आया है, कोर्ट ने पांचों आरोपियों की हिरासत अवधि 15 जून तक बढ़ा दी है, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके.

विज्ञापन

NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जून तक के लिए बढ़ा दी गई है. इन पांचों आरोपियों की हिरासत अवधि समाप्त होने से पहले उनकी पेशी राउज एवेन्यू कोर्ट में की गई, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने हिरासत अवधि को बढ़ा दिया.

3 मई को हुई थी परीक्षा

मेडिकल काॅलेजों में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली नीट परीक्षा इस वर्ष 3 मई को देश भर में आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक होने की सूचना के बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा स्थगित कर दी, जिसके बाद से यह मामला गरमाया हुआ है. इस मामले में अबतक 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई है जिनके नाम हैं-मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे. यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित की जा रही है.

आरोपी यश यादव को पढ़ाई करने की इजाजत मिली

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नीट पेपर लीक के आरोपी यश यादव की उस अर्जी को मंजूरी दे दी है, जिसमें उसने नीट यूजी परीक्षा की पढ़ाई के लिए किताबें रखने की इजाजत मांगी थी. उनकी वकील अंबिका यादव ने पीटीआई न्यूज एजेंसी को बताया कि वह एक होनहार छात्र है और उसने 3 मई को परीक्षा दी थी. अगर उसे परीक्षा देने की इजाजत मिलती है, तो वह 21 जून को परीक्षा देगा. इसी वजह से उसने पढ़ाई जारी रखने की अनुमति मांगी थी. कोर्ट ने उसे परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने और पढ़ाई करने की अनुमति दे दी है. नीट यूजी की परीक्षा 21 जून को है. इस परीक्षा के लिए एनटीए ने कोई शुल्क नहीं लिया है.

शिक्षा मंत्री से की जा रही है इस्तीफे की मांग

नीट पेपर लीक होने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर है और राहुल गांधी लगातार शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं. उनका यह आरोप है कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को बदहाल कर दिया है. यह देश के भविष्य छात्रों के जीवन से खिलवाड़ है.

ये भी पढ़ें : डीके शिवकुमार ने शपथग्रहण से पहले गांधी परिवार के प्रति कृतज्ञता जताई- उनके भरोसे ने कार्यकर्ता को मुख्यमंत्री बनाया

क्या मुख्यमंत्री की कुर्सी से सिद्धारमैया को हटाने का फैसला कांग्रेस को भारी पड़ सकता है?

विज्ञापन
Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola