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भाजपा को अगले साल जनवरी तक मिलेगा नया अध्यक्ष, पार्टी की कमान नड्डा के हाथों में आना लगभग तय

Updated at : 22 Sep 2019 12:30 PM (IST)
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भाजपा को अगले साल जनवरी तक मिलेगा नया अध्यक्ष, पार्टी की कमान नड्डा के हाथों में आना लगभग तय

नयी दिल्ली : केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की कमान अगले साल जनवरी तक पूरी तरह जे पी नड्डा के हाथ में आना अब लगभग तय माना जा रहा है. ऐसी उम्मीद है कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नड्डा को पूर्ण रूप से यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी. […]

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नयी दिल्ली : केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की कमान अगले साल जनवरी तक पूरी तरह जे पी नड्डा के हाथ में आना अब लगभग तय माना जा रहा है. ऐसी उम्मीद है कि भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नड्डा को पूर्ण रूप से यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी. अभी वह भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष हैं.

भाजपा के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया में बूथ स्तर का चुनाव 11 सितंबर से शुरू हो गया है. मंडल, जिला और राज्यों के अध्यक्षों का चुनाव 15 दिसंबर तक पूरा किया जाना है. इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लगेगा. ऐसे में पार्टी अध्यक्ष के नाम पर जनवरी तक मुहर लग जायेगी.

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी राधा मोहन सिंह ने बताया थ्‍क्‍ पार्टी के संगठनात्मक चुनाव के तहत बूथ स्तर का चुनाव 11 सितंबर से प्रारंभ हो गया है और यह 30 सितंबर तक पूरा होगा. उन्होंने बताया कि इसके बाद 11-31 अक्तूबर तक मंडल स्तर के चुनाव होंगे. 11-30 नवंबर तक जिला स्तर के चुनाव और 1-15 दिसंबर तक राज्य स्तर के चुनाव होंगे.

सिंह ने बताया कि 15 दिसंबर के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी जब राज्यों के अध्यक्षों एवं राष्ट्रीय प्रतिनिधियों का चयन हो जायेगा. इसके बाद ही मतदाता सूची तैयार होगी. महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में विधानसभा चुनाव के कारण संगठनात्मक चुनाव नहीं हो रहे हैं और पार्टी के संगठन से जुड़ी चुनावी प्रक्रिया में 33 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं.

भाजपा संविधान के मुताबिक, 50 प्रतिशत राज्य का चुनाव संपन्न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव शुरू किया जा सकता है. अध्यक्ष का चुनाव एक निर्वाचक मंडल करता है जिसमें जिला इकाइयों द्वारा निर्वाचित सदस्य, सभी विधायकों द्वारा अपने में से चुने गए 10 प्रतिशत सदस्य, प्रदेश से राष्ट्रीय परिषद में उक्त राज्य में लोकसभा सदस्य के बराबर निर्वाचित सदस्य तथा पार्टी सांसदों द्वारा अपने में से चुने गये 10 प्रतिशत सदस्य शामिल हैं.

गौरतलब है कि अमित शाह के 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद मोदी सरकार में गृह मंत्री का दायित्व संभालने के कारण पार्टी के नये अध्यक्ष की कवायद शुरू हुई. इस दौरान अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हुए हैं जबकि जे पी नड्डा को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. भाजपा ने संगठनात्मक चुनाव की दृष्टि से देशभर में 10,36,166 बूथ बनाये हैं जबकि पूरे देश में 1,979,94 शक्ति केंद्र हैं.

उल्लेखनीय है कि 2014 में जब अमित शाह बीजेपी अध्यक्ष बने तब राजनाथ सिंह का दो साल का कार्यकाल बचा हुआ था. राजनाथ सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में चले जाने के बाद अगस्त 2014 में अमित शाह को अध्यक्ष बनाया गया था. अमित शाह जनवरी 2016 में भाजपा अध्यक्ष के रूप में फिर से निर्विरोध चुन लिए गये थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी शीर्ष नेताओं ने अध्यक्ष पद के लिए शाह के नाम का प्रस्ताव किया था. नामांकन में किसी अन्य नेता का नाम आगे नहीं किया गया. शाह का चुनाव तीन वर्ष के पूर्ण कार्यकाल के लिए हुआ था. अमित शाह का कार्यकाल जनवरी 2019 में पूरा हो गया था. इसके बाद शाह के कार्यकाल को लोकसभा चुनाव तक बढ़ा दिया गया था.

लोकसभा चुनाव में शाह ने गांधीनगर से चुनाव में जीत हासिल की. उन्हें मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में गृह मंत्री बनाया गया. ऐसी स्थिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता जे पी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया.

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