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आरक्षण पर भागवत की टिप्पणी से बड़ा विवाद, RSS ने कहा- अनावश्यक तूल दिया जा रहा

Updated at : 19 Aug 2019 8:25 PM (IST)
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आरक्षण पर भागवत की टिप्पणी से बड़ा विवाद, RSS ने कहा- अनावश्यक तूल दिया जा रहा

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने आरक्षण पर सरसंघचालक मोहन भागवत की टिप्पणी से पैदा हुए विवाद को सोमवार को अनावश्यक करार देते हुए खारिज कर दिया. संघ ने कहा कि वह महज इस आवश्यकता पर बल दे रहे थे कि समाज में सद्भावनापूर्वक परस्पर बातचीत के आधार पर सभी प्रश्नों के समाधान […]

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नयी दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने आरक्षण पर सरसंघचालक मोहन भागवत की टिप्पणी से पैदा हुए विवाद को सोमवार को अनावश्यक करार देते हुए खारिज कर दिया.

संघ ने कहा कि वह महज इस आवश्यकता पर बल दे रहे थे कि समाज में सद्भावनापूर्वक परस्पर बातचीत के आधार पर सभी प्रश्नों के समाधान ढूंढ़ें जायें. आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने एक ट्वीट में कहा, जहां तक संघ का आरक्षण के विषय पर मत है, वह कई बार स्पष्ट किया जा चुका है कि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक आधार पर पिछड़ों के आरक्षण का (आरएसएस) पूर्ण समर्थन करता है. कुमार ने ट्वीट में कहा कि दिल्ली में एक कार्यक्रम में दिये मोहन भागवत के भाषण के एक भाग पर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है.

गौरतलब है कि भागवत ने रविवार को कहा था कि जो आरक्षण के पक्ष में हैं और जो इसके खिलाफ हैं, उन लोगों के बीच इस पर सद्भावपूर्ण माहौल में बातचीत होनी चाहिए. कांग्रेस और बसपा जैसी विपक्षी पार्टियों ने भागवत की इस टिप्पणी को लेकर भाजपा और इसके वैचारिक संगठन आरएसएस पर प्रहार किया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि भागवत की टिप्पणी ने आरएसएस-भाजपा का ‘दलित-पिछड़ा विरोधी’ चेहरा बेनकाब कर दिया है.

इससे पहले, बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला करते हुए कहा कि संघ अपनी आरक्षण विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर है. बसपा नेता ने ट्वीट कर कहा, आरएसएस का एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण के संबंध में यह कहना कि इस पर खुले दिल से बहस होनी चाहिए, संदेह की घातक स्थिति पैदा करता है जिसकी कोई जरूरत नहीं है. आरक्षण मानवतावादी संवैधानिक व्यवस्था है जिससे छेड़छाड़ अनुचित व अन्याय है. संघ अपनी आरक्षण-विरोधी मानसिकता त्याग दे तो बेहतर है.

वहीं, भागवत की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया कि दलितों एवं पिछड़ों को मिला आरक्षण खत्म करना ही सत्तारूढ़ पार्टी का असली एजेंडा है. भावगत के बयान से जुड़ी खबर ट्विटर पर शेयर करते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया, गरीबों के अधिकारों पर हमला, संविधान सम्मत अधिकारों को कुचलना, दलितों-पिछड़ों के अधिकार छीनना यही असली भाजपाई एजेंडा है. उन्होंने यह भी कहा, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ-भाजपा का दलित-पिछड़ा विरोधी चेहरा उजागर हुआ. गरीबों के आरक्षण को खत्म करने का षड्यंत्र और संविधान बदलने की उनकी अगली नीति बेनकाब हुई.

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