उमर खालिद को मिली जमानत, आएंगे जेल के बाहर
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 22 May 2026 12:27 PM
उमर खालिद (ANI Photo)
उमर खालिद ने दिल्ली हाई कोर्ट में 15 दिन की अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी. इससे पहले निचली अदालत ने उनकी अस्थायी रिहाई की मांग को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया.
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि मां की सर्जरी को देखते हुए उमर खालिद को एक जून से तीन जून तक अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा.
Umar Khalid to be released on interim bail from June 1 to June 3 in view of his mother's surgery: HC.
— Press Trust of India (@PTI_News) May 22, 2026
सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद ने 21 मई को अधीनस्थ अदालत के उस आदेश के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था जिसमें उसकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. अधीनस्थ अदालत ने दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाकों में फरवरी 2020 के दंगों के पीछे ‘बड़ी साजिश’ के संबंध में आतंकवाद-रोधी कानून (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले के मद्देनजर यह याचिका खारिज कर दी थी.
15 दिन की अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया था उमर खालिद ने
उमर खालिद ने अधीनस्थ अदालत से अपने चाचा के मरणोपरांत 40 दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार (चेहलुम) में शामिल होने और अपनी मां की देखभाल करने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत देने का अनुरोध किया था. याचिका में कहा गया है कि उसकी मां की सर्जरी होनी है. हालांकि, अधीनस्थ अदालत ने राय जाहित करते हुए कहा कि उसका दिवंगत चाचा के अंतिम संस्कार में शामिल होना ‘इतना जरूरी नहीं’ है और उनकी मां की देखभाल के लिए परिवार के अन्य सदस्य उपलब्ध हैं.
फरवरी 2020 में हुए दंगों के मामले में जेल में हैं उमर
फरवरी 2020 में हुए दंगों के ‘मुख्य साजिशकर्ताओं’ में से एक होने के कारण खालिद पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था. इन दंगों में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे. यह हिंसा नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), 2019 और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी.
सामाजिक कार्यकर्ता शरजील इमाम, खालिद सैफी और आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत अन्य लोगों पर भी इस ‘बड़े षड्यंत्र’ मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में मामला दर्ज किया गया है, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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