अयोध्या से ग्राउंड रिपोर्ट : श्रद्धालुओं की संख्या घटी, पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का चढ़ावा बढ़ा

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अयोध्या का राम मंदिर और निर्मोही अखाड़ा के प्रमुख दिनेंद्र दास.

अयोध्या में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या घट गयी है. हालांकि, इस विवाद के बावजूद चढ़ावे में बढ़ोतरी हुई है.

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राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के उजागर होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आयी है. पहले एक दिन में औसत सवा लाख श्रद्धालु आते थे. अभी लगभग 75 हजार आ रहे हैं, लेकिन चढ़ावा बढ़ा है. डिजिटल दान की तरफ लोगों के रुझान बढ़े हैं. पहले प्रतिदिन लगभग 14-18 लाख के बीच में चढ़ावा आता था. अब 22-24 लाख तक आ रहा है. राम मंदिर पर सरकार की सख्ती के कारण इस मुद्दे पर न तो कोई अफसर खुलकर बोलने को तैयार है, न ही मंदिर समिति से जुड़ा काेई पदाधिकारी. राम मंदिर के बाद, दूसरा सबसे प्रमुख मंदिर है हनुमान गढ़ी. यहां भी श्रद्धालु घटे हैं. चढ़ावा भी उसी अनुपात में घटा है. इसके पुजारी श्री राम समुझ दास इसकी वजह मौसम को भी मानते हैं.

निर्मोही अखाड़ा के प्रमुख और महंत दिनेंद्र दास मंदिर की पूजा व्यवस्था संभाल रहे है. वह बताते हैं कि जब 19 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या आये थे, तब पूजा-पाठ करने के बाद उनको साथ लेकर ट्रस्ट के लोगों से मिले थे. गोपाल राव और चंपत राय ने अपनी बातें उनके सामने रखीं थी. पूरे प्रकरण से अवगत कराया था. सीएम ने गंभीर मुद्रा में सब कुछ सुना. गोपाल राव के प्रति नाराज दिखे.

इस कथित घपले की अब लखनऊ से प्रतिदिन मानीटरिंग की जा रही है. 22 जुलाई को प्रस्तावित महत्वपूर्ण मीटिंग के बाद ट्रस्ट की व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन हो सकता है. अभी व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. शासन ने कड़ाई की है. पुरानी व्यवस्था ही टाइट हो गयी है. जहां-जहां लापरवाही होती थी, वहां सख्ती बरती जा रही है. जो कुछ सोना-चांदी और आभूषण गायब हुए थे, उन्हें बरामद कर लिया गया है. कृष्ण मोहन जी की देखरेख में नयी टीम रुपये की गिनती कर रही है. रोज का चढ़ावा उसी दिन बैंक में जमा करा दिया जाता है. चढ़ावा चोरी में सबसे अधिक लापरवाही बैंककर्मियों की थी.

प्रशासन और तीन ट्रस्टियों के पास सुलभ दर्शन का पास जारी करने का अधिकार था. अब यह अधिकार निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास के पास है. वह मानते हैं कि व्यवस्था में सैद्धांतिक रूप से कोई कमी नहीं है. उसका पालन सुनिश्चित कराने की जरूरत है. अब मंदिर प्रबंधन की देख-रेख के लिए एक सीइओ की नियुक्ति होनी है. इसके लिए तीन सदस्यों की टीम गठित कर दी गयी है.

सुरक्षा-रिकवरी

प्रदेश सरकार के एक बड़े अधिकारी बताते हैं कि लीकेज किस स्तर तक है, इसकी जांच चल रही है. ट्रस्ट और पुलिस के प्रयास से अब तक चोरी के लगभग 80 से 82 लाख रुपये रिकवर हो गये हैं. 30-40 लाख रुपये की और जानकारी मिली है, जिसको लेकर जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि मंदिर की सुरक्षा कई चरणों में होती है. सिविल पुलिस श्रद्धालुओं के दर्शन और बाहरी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था देखती है. मंदिर की आंतरिक सुरक्षा सीआरपीएफ के जिम्मे है. ट्रस्ट प्राइवेट गार्ड का भी उपयोग करता है. जब उनसे पूछा गया कि चोरी में संलिप्त लोग पैसा लेकर कैसे निकल जाते थे, तो उन्होंने कहा कि रोज आने-जाने को लेकर एक विश्वास का माहौल था. इसलिए कुछ लोगों की चेकिंग नहीं होती थी. मान लिया जाता था कि वे व्यवस्था के अंग हैं. इसी विश्वास के बल पर वे निकल जाते थे.

भविष्य में चोरी न हो, इसके लिए सुझाव तैयार कर रही एसआइटी

एसआइटी वर्तमान चढ़ावा चोरी की गहनता से जांच कर रही है. आंतरिक प्रबंधन और समस्त त्रुटियों की जांच के साथ ही भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए सुझाव भी तैयार कर रही है. वह भविष्य में क्या हो सुरक्षा की रूपरेखा, इस पर सुझाव देगी. उसके बाद नया ट्रस्ट तय करेगा कि क्या करना चाहिए.

सालाना 150 करोड़ रुपए की आय

राम मंदिर के लिए 35 हुंडियों से प्राप्त पैसों को ट्रस्ट के अफसरों, एसबीआइ के प्रतिनिधि सहित अधिकृत कर्मचारियों द्वारा खोला जाता था. एक अनुमान के अनुसार राम मंदिर को सालाना 150 करोड़ रुपये का दान मिलता है. इसी से आस्था का अनुमान लगाया जा सकता है.

राम जन्मभूमि मंदिर में क्या हुआ

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में गत जून की शुरुआत में चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी का मामला सामने आया. प्रारंभिक जांच में कैमरों के फुटेज में 2 कर्मचारियों को नकदी चुराते हुए देखा गया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी (विशेष जांच टीम) गठित की गयी. इस टीम ने मंदिर परिसर के दस्तावेज जब्त कर मध्य जून में दर्जनों लोगों से पूछताछ की. इसके लगभग एक सप्ताह बाद एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में भारी अनियमितताएं उजागर कीं और पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करने की सिफारिश की.

25 जून की रात राम जन्मभूमि थाने में ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज हुई. अगले ही दिन एसआईटी ने 8 नामजद, जिनमें ट्रस्ट के ड्राइवर रामशंकर ‘टिन्नू’ यादव, फाइनेंसर अनुकल्प मिश्रा, पैसा गिनने वाले दो कर्मचारी मनीष एवं अविनाश, सहित चार अन्य को गिरफ्तार किया.

इनके घरों पर छापेमारी में सोने-चांदी की ज्वेलरी, नकदी और संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए. 29 जून को सभी 8 आरोपियों को न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. 1 जुलाई को एसआईटी को चढ़ावा चोरी की जांच के लिए 15 जुलाई तक का अतिरिक्त समय मिला. जांच के दायरे में मंदिर के लिए खरीदी गयी जमीनों में कथित धांधली का मामला भी जोड़ दिया गया.

टाइम लाइन : राम मंदिर चढ़ावा चोरी

  • 06-06-2026 : चोरी का पता चला (आडिट में अनियमितता)
  • 07-06-2026 : विपक्ष ने मामले पर योगी सरकार पर हमला किया
  • 10-06-2026: भाजपा ने जांच चलाने की बात मानी
  • 13-06-2026 : मुख्यमंत्री ने 3 सदस्यों वाली एसआई गठित की
  • 15-06-2026 : SIT ने अयोध्या में राम मंदिर में जांच शुरू
  • 23-06-2026 : SIT ने प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी
  • 25-06-2026 : कृष्णमोहन की तहरीर पर रामजन्मभूमि थाने में FIR दर्ज
  • 26-06-2026 : इंचार्ज सहित आठ आरोपी गिरफ्तार, ₹80 लाख बरामद
  • 26-06-2026 : चंपत राय-अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया
  • 28-06-2026 : आरोपियों के घरों पर पुलिस छापे, दस्तावेज-ज्वेलरी बरामद
  • 29-06-2026 : सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
  • 07-01-2026 :अंतिम रिपोर्ट के लिए SIT को 15 जुलाई तक का समय विस्तार मिला


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Giteshwar Prasad Singh

लेखक के बारे में

By Giteshwar Prasad Singh

Experienced Editor with a demonstrated 28+ year history of working in the media production industry. Skilled in Journalism, Creative Writing, Time Management, Leadership Development, and Team Leadership. Strong media and communication professional with a Master of Journalism - MJ from UPRTOU and Master of Arts - MA focused in Philosophy from Allahabad University. Currently working at Prabhat Khabar as Resident Editor Digital.

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