यूपी में SIR को लेकर BJP नेत्री का सनसनीखेज खुलासा, बोलीं- मुस्लिम और यादवों के नाम कटवाने के लिए दिया गया था लिस्ट

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महोबा की BJP नेत्री दीपाली तिवारी

UP Political News: महोबा की भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान उन्हें मुस्लिम और यादव समाज के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने का काम सौंपा गया था. इस खुलासे से यूपी की राजनीति में हलचल मच गई है.

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UP Political News: यूपी के महोबा की राजनीति में उस समय हलचल मच गई, जब भाजपा की पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने पार्टी संगठन से जुड़े कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान उन्हें ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाने का काम सौंपा गया, जो लंबे समय से क्षेत्र के निवासी थे. दीपाली तिवारी का आरोप है कि मुस्लिम और यादव समाज के मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरवाए गए. उनके आरोप सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है.

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क्या हैं दीपाली तिवारी के आरोप?

दीपाली तिवारी ने वीडियो में आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले पार्टी की ओर से उनकी ड्यूटी एक सरकारी विद्यालय में मतदाता सूची से नाम जोड़ने और हटाने के कार्य में लगाई गई थी. उनका दावा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें फॉर्म-7 दिए गए और कुछ मुस्लिम तथा यादव समाज के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए कहा गया. उन्होंने यह भी कहा कि जब वह संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) के पास पहुंचीं तो अधिकारी ने सवाल किया कि जिन लोगों के नाम हटाने की बात की जा रही है, वे वर्षों से महोबा के निवासी हैं, फिर उनके नाम क्यों कटवाए जा रहे हैं. दीपाली तिवारी के अनुसार, इसी बात ने उन्हें पूरे मामले पर सवाल उठाने के लिए मजबूर किया.

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा

पूर्व जिला मंत्री के इन आरोपों ने कई राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद विपक्ष को भी सरकार और भाजपा पर निशाना साधने का मौका मिल सकता है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा या पार्टी संगठन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित आरोपों की किसी स्तर पर जांच शुरू हुई है या नहीं. फिलहाल मामला आरोप और दावों तक सीमित है, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद महोबा की राजनीति में इसकी चर्चा तेज हो गई है.

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