जम्मू-कश्मीर के चप्पे-चप्पे में फहराया जाएगा तिरंगा, रविंदर रैना ने कही ये बात
Updated at : 03 Aug 2019 2:33 PM (IST)
विज्ञापन

श्रीनगर : अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी की गयी अडवाइजरी के बाद सियासी हलचल जम्मू-कश्मीर में तेज हो चुकी है. इसी बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने ऐलान किया है कि 15 अगस्त को यानी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूबे के चप्पे-चप्पे में तिरंगा झंडा फहराया जाएगा. रविंदर रैना ने मीडिया से […]
विज्ञापन
श्रीनगर : अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी की गयी अडवाइजरी के बाद सियासी हलचल जम्मू-कश्मीर में तेज हो चुकी है. इसी बीच भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने ऐलान किया है कि 15 अगस्त को यानी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सूबे के चप्पे-चप्पे में तिरंगा झंडा फहराया जाएगा. रविंदर रैना ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर पूरे सूबे में तिरंगा फहराने का काम भाजपा करेगी. गांव, कस्बा, वार्ड, गली, मुहल्ले सभी जगह तिरंगा फहराया जाएगा.
आपको बता दें के घाटी के हालात सामान्य बनाने की प्रक्रिया के बीच आतंकी साजिश की आशंकाएं खत्म नहीं हुई हैं. यही वजह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने 26 जुलाई को घाटी का दौरा किया था. इसके अगले दिन राज्य में 10 हजार अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गयी. सूबे में अमरनाथ यात्रा को लेकर अर्द्धसैनिक बलों के 40 हजार जवान पहले ही तैनात थे. गुरुवार को और 28 हजार सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी जिसके बाद राज्य की सियासत गरमा गयी.
इस बीच शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा के रास्ते में बारूदी सुरंग और अमेरिकी स्नाइपर मिले. आपको बता दें कि खुफिया एजेंसियों को सात दिन पहले आतंकी हमलों की साजिश की भनक मिली थी.
35ए का मामला गरमाया
10 हजार अतिरिक्त फोर्स की तैनाती को पहले जहां धारा 35ए को हटाने की प्रक्रिया से जोड़ कर देखने की कोशिश की जा रही थी, वहीं अब इसे आतंकियों के विरुद्ध फाइनल असाल्ट या फिर एलओसी पार आतंकियों के ठिकानों पर एक बार फिर अंतिम प्रहार करने की योजना से जोड़ा जा रहा है. गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल के दौरे के बाद सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत कश्मीर में कैंप कर रहे हैं. वहीं, कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ ही स्थानीय कश्मीर पुलिस को अधिकतर स्थानों से हटा लिया गया है. मात्र नाकों पर उनकी तैनाती की गयी है.
अफवाहों पर ध्यान न दें : राज्यपाल
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुक्रवार रात को कहा कि अमरनाथ यात्रा को बीच में रोकने को अन्य मुद्दों के साथ जोड़कर ‘‘अनावश्यक भय’ पैदा किया जा रहा है. अफवाहों पर ध्यान न दें. उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने तथा ‘‘अतिशयोक्तिपूर्ण अफवाहों’ पर भरोसा ना करने के लिए कहने का अनुरोध किया.
राज्यपाल से मुलाकात
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल और पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन तथा इमरान रजा अंसारी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीती रात राज्यपाल से मुलाकात की. राजभवन से जारी एक बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा जारी किए परामर्श समेत दिन में हुए घटनाक्रमों से कश्मीर घाटी में भय की स्थिति पैदा होने के बारे में चिंताएं जतायी. बयान में कहा गया है कि राज्यपाल मलिक ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास अमरनाथ यात्रा पर आतंकवादी हमलों के संबंध में गंभीर और विश्वसनीय सूचनाएं हैं. इस संदर्भ में सरकार ने परामर्श जारी कर यात्रियों और पर्यटकों से जल्द से जल्द लौटने के लिए कहा है.
उमर अब्दुल्ला ने कही ये बात
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उनकी पार्टी को आश्वासन दिया है कि संविधान के अनुच्छेद 370 और 35 ए को रद्द किये जाने पर या राज्य को तीन हिस्सों में बांटने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. हालांकि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर केंद्र से सोमवार को संसद में आश्वासन चाहते हैं. अब्दुल्ला और उनकी पार्टी के कुछ सहयोगी इन मुद्दों को लेकर शनिवार को राज्यपाल से मिले.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




