वन नेशन-वन कार्ड, देश में अब कहीं भी ले सकेंगे राशन
Updated at : 29 Jun 2019 1:29 AM (IST)
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नयी दिल्ली : देश में ‘एक देश-एक चुनाव’ की चर्चा के बीच मोदी सरकार ने ‘एक देश-एक कार्ड’ का एलान किया है. इसके तहत राशन कार्डों की देशभर में पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू होगी. इससे सब्सिडी पर राशन लेनेवालों को बड़ी सहूलियत होगी. वे देश के किसी भी हिस्से में किसी भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली […]
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नयी दिल्ली : देश में ‘एक देश-एक चुनाव’ की चर्चा के बीच मोदी सरकार ने ‘एक देश-एक कार्ड’ का एलान किया है. इसके तहत राशन कार्डों की देशभर में पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू होगी. इससे सब्सिडी पर राशन लेनेवालों को बड़ी सहूलियत होगी. वे देश के किसी भी हिस्से में किसी भी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान से रियायती दरों पर अनाज उठा सकेंगे.
सबसे ज्यादा लाभ नौकरी व अन्य वजहों से एक से दूसरे शहरों में जानेवाले लोगों को इस बदलाव से होगा. उन्हें सब्सिडी वाले राशन से वंचित नहीं होना पड़ेगा. साथ ही भ्रष्टाचार पर भी लगाम कसेगा. इससे पहले मोदी सरकार ने राशन कार्ड को आधार नंबर से लिंक कर धांधली रोकने में सफलता हासिल की थी.
केंद्रीय खाद्य, उपभोक्ता व सार्वजनिक वितरण विभाग के मंत्री रामविलास पासवान के नेतृत्व में राज्यों के खाद्य सचिवों की बैठक में इस फैसले को तेजी से लागू करने का निर्णय लिया गया. प्रवासी श्रमिकों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने का दावा करते हुए पासवान ने कहा कि जरूरतमंदों को अब पूर्ण खाद्य सुरक्षा मिलेगी. लाभार्थियों को आजादी मिलेगी, क्योंकि वे एक पीडीएस दुकान से बंधे नहीं होंगे.
नये फैसले से यह होगा लाभ
लाभार्थी देश के किसी भी राशन दुकान से रियायती दरों पर राशन ले सकेंगे
नौकरी जैसी वजहों से घर से पलायन करने वालों को फायदा
राशन दुकानदारों की मनमानी और चोरी को बंद करने में मददगार
एक उपभाेक्ता-एक कार्ड को बढ़ावा, फर्जी कार्ड पर नकेल
ऐसे काम करेगी नयी व्यवस्था
आधार कार्ड की तर्ज पर हर राशन कार्ड का विशिष्ट पहचान नंबर होगा
ऑनलाइन इंटिग्रेटेड सिस्टम बनेगा, जिसमें राशन कार्ड का डेटा स्टोर होगा
फर्जी कार्ड बनवाने वालों का इस सिस्टम से तुरंत पता चल जायेगा
सभी कार्ड का केंद्रीय डेटाबेस
खाद्य मंत्रालय इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी कार्ड का एक केंद्रीय डेटाबेस तैयार करेगा, जो डुप्लीकेट कार्ड को हटाने में मददगार होगा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सरकार जीएसटीआइएन की तर्ज पर राशन कार्ड का रियल टाइम ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने की प्लानिंग कर रही है.
भंडारण भी ऑनलाइन
वर्तमान में एफसीआइ, केंद्रीय भंडारण निगम, राज्य भंडारण निगम और निजी गोदामों में रखे 6.12 करोड़ टन अनाज को हर साल 81 करोड़ लाभार्थियों को बीच बांटा जाता है. सरकार इस वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए अनाज खरीद से लेकर इसके वितरण तक की सारी सूचना ऑनलाइन कर रही है. अनाज की गुणवत्ता का जायजा भी आॅनलाइन होगा.
कई राज्यों में पहले से
खाद्य मंत्रालय ने बताया कि आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में राज्य स्तर पर पहले से ही ऐसी व्यवस्था लागू है. यहां यह कार्यक्रम इंटिग्रेटेड मैनेजमेंट ऑफ पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (आइएमपीडीएस) के नाम से जाना जाता है. इन राज्यों में लाभार्थी किसी भी जिले से राशन प्राप्त कर सकता है.
राशन कार्डों की देश भर में पोर्टेबिलिटी की सुविधा शुरू होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का राशन मिल सके.
रामविलास पासवान, केंद्रीय मंत्री
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