छिंदवाड़ा में कमल व कमलनाथ के बीच टक्कर
Updated at : 24 Apr 2019 7:00 AM (IST)
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भोपाल से मिथिलेश मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ हैं कांग्रेस प्रत्याशी, 16 बार जीत चुकी है कांग्रेस छिंदवाड़ा के इएलसी चौक पर दोस्तों के साथ घूमने आये युवा वकील पुष्पम कहते हैं, यहां कोई वंशवाद नहीं है. जब डॉक्टर का बेटा डाॅक्टर, वकील का बेटा वकील और बिजनेसमैन का बिजनेस कर रहा तो नेता का […]
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भोपाल से मिथिलेश
मुख्यमंत्री कमलनाथ के पुत्र नकुलनाथ हैं कांग्रेस प्रत्याशी, 16 बार जीत चुकी है कांग्रेस
छिंदवाड़ा के इएलसी चौक पर दोस्तों के साथ घूमने आये युवा वकील पुष्पम कहते हैं, यहां कोई वंशवाद नहीं है. जब डॉक्टर का बेटा डाॅक्टर, वकील का बेटा वकील और बिजनेसमैन का बिजनेस कर रहा तो नेता का बेटा नेता क्यों नहीं बन सकता? यह वंशवाद कैसा. दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने छिंदवाड़ा सीट से आठ बार लोकसभा का चुनाव जीतते आ रहे मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ को अपना उम्मीदवार बनाया है.
42 साल के युवा नकुलनाथ अपने पिता के कारोबार को संभालते हैं. 1996 से पिता और पार्टी की मददगार रहे हैं. भाजपा ने उनके मुकाबले आरएसएस बैकग्राउंड के पूर्व विधायक नथन साह को उम्मीदवार बनाया है़. नथन साह के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व सीएम शिवराज के नेतृत्व में पूरी टीम काम कर रही है. शिवराज सिंह खुद 24 और 27 अप्रैल को यहां प्रचार करने आयेंगे. यहां 29 अप्रैल को चुनाव होना है.
छिंदवाड़ा के भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मददगार साबित हो रहे हैं. छिंदवाड़ा लोस के तहत सात विस की सीटें हैं. दो सौसर और पांडूना में मराठी भाषा भाषियों की बहुतायत है. कमलनाथ की लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा यहां कोई जोखिम नहीं लेना चाहती.
लिहाजा नितिन गडकरी और फडणवीस के समर्थक भी यहां गांव-गांव प्रचार कर रहेे हैं. पांडूना और सौसर समेत बाकी की पांच विस की सीटें भी कांग्रेस के कब्जे में है. भाजपा के चुनाव संयोजक शेषराज यादव मुकाबले को कठिन तो मानते हैं, पर कांग्रेस की तीन महीने पुरानी सरकार को पूरी तरह विफल बताते हैं.
पिता-पुत्र ही स्टार प्रचारक
कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने अभी तक कोई बड़ा नाम सामने नहीं आया है. सैयद जफर कहते हैं, यहां नकुलनाथ और मुख्यमंत्री कमलनाथ ही स्टार प्रचारक हैं.
मुख्यमंत्री ने चुनाव अभियान चलाया है, उनके स्थानीय होने से पार्टी को लाभ होगा़ युवा पुष्पक कहते हैं, यहां सरकार ने कई कार्य करवाये हैं. युवाओं को कॉल सेंटर में नौकरियां मिल रही है. कई कल कारखाने खुले हैं. इसका श्रेय सांसद के रूप में कमलनाथ को ही जाता है.
लोकसभा चुनाव, 2014 का परिणाम
प्रत्याशी/पार्टी वोटवोट%
कमलनाथ, कांग्रेस 559,75539%
चौधरी चंद्रभान कुबेर सिंह, भाजपा 443,21831%
परदेशी हरताप शाह तिरगाम, जीजीपी 25,62801%
इस सीट से कौन कितनी बार जीता
कुल आम व उपचुनाव हुए 17 बार
कांग्रेस जीतीसभी 16 आम चुनाव
भाजपा जीतीएक बार उपचुनाव 1997.
सुंदर लाल पटवा जीते.
छिंदवाड़ा के अंतर्गत विधानसभा की 7 सीटें
जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, चौरई, सौंसर, छिंदवाडा, परासिया व पंधुरना.
कमलनाथ जीते ,कांग्रेस
10 बार : 2014, 2009, 2004, 1999, 1998, 1991, 1989, 1984, 1980
फैक्ट
1977 में उत्तर भारत में कांग्रेस का सफाया हो गया था, पर यहां से वह जीती थी. 2014 की मोदी लहर में भी कांग्रेस ने यहां से जीत दर्ज की थी.
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