Railway: बुलेट ट्रेन संचालन की बड़ी बाधा पार, जटिल सुरंगों का निर्माण काम लगभग पूरा

Published by : Anjani Kumar Singh Updated At : 02 Jun 2026 6:47 PM

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केंद्रीय मंत्री अश्विणी वैष्णव,

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पांच महीने के अंदर तीसरे सुरंग का निर्माण कर लिया है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में कुल आठ पहाड़ी सुरंग बनाना है, जिसमें सात महाराष्ट्र के पालघर जिले में और एक गुजरात के वलसाड जिले में बनना है.

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Railway: देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को पूरा करने के लिए तेज गति से काम हो रहा है. विभिन्न कारणों से यह परियोजना समय पर पूरी नहीं हो सकी. लेकिन अब इस परियोजना पर तेज गति से काम हो रहा है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र में तीसरी पहाड़ी सुरंग की खुदाई को सफलता से पूरा कर लिया गया है. यह सुरंग महाराष्ट्र के पालघर जिले के दहानू तहसील के अंबेसरी गांव में बनायी गयी है. सुरंग की लंबाई 417 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर है. इसे तेज गति से चलने वाली बुलेट ट्रेन के सुचारू रूप से संचालन के लिए उन्नत निगरानी और सुरक्षा प्रणालियों के साथ बनाया गया है. पालघर जिले में महज पांच महीनों में तीन पर्वतीय सुरंगों का निर्माण पूरा होने से देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना को और गति मिली है. इसे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की दोनों दिशाओं में चलने वाली ट्रेनों के लिए डिजाइन किया गया है. 

सुरंग के निर्माण में लगी नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) के अनुसार सुरंग की खुदाई दोनों ओर से नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक के जरिए की गयी और इस दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया. साथ ही सुरंग निर्माण के दौरान आसपास के क्षेत्रों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़े, इसके लिए आधुनिक तकनीक जैस एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम और जियोटेक्निकल उपकरण का प्रयोग किया गया. सुरंग निर्माण के दौरान कंपन, जमीन की स्थिति और आसपास की इमारतों पर नजर रखने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ सरफेस सेटलमेंट प्वाइंट, 3डी टारगेट, स्ट्रेन गेज और सीस्मोग्राफ जैसे उपकरण का इस्तेमाल हुआ. 


देश की इंजीनियरिंग क्षमता का प्रदर्शन

देश में बुलेट ट्रेन परियोजना में जापान आर्थिक और तकनीकी मदद मुहैया करा रहा है. लेकिन इस दौरान भारतीय इंजीनियरों ने भी अपनी क्षमता से दुनिया को अचंभित करने का काम किया है. सुरंग निर्माण में स्वदेशी तकनीक काे प्राथमिकता दी गयी और इस दौरान निर्माण काम में लगे मजदूरों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया. सुरंग के वेंटिलेशन सिस्टम, आग से बचाव के पुख्ता इंतजाम और आधुनिक तकनीक का प्रयोग किया गया. निर्माण के दौरान भौगोलिक और पर्यावरणीय स्थिति का पूरा ध्यान रखा गया और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार सुरंग निर्माण हुआ. 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुलेट ट्रेन परियोजना ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पांच महीने के अंदर तीसरे सुरंग का निर्माण कर लिया. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में कुल आठ पहाड़ी सुरंग बनाना है, जिसमें सात महाराष्ट्र के पालघर जिले में और एक गुजरात के वलसाड जिले में बनना है. अश्विनी वैष्णव पहले की कह चुके है कि अगले साल 15 अगस्त तक बुलेट ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया दिया जाएगा. गौरतलब है कि देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर रूट पर चलेगी. 

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