किशोरावस्था में कब्रिस्तान में किया करता था रियाज : उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान

नयी दिल्ली : पद्म विभूषण से सम्मानित भारतीय शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में जाने-माने नाम उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का कहना है कि लड़कपन में वह कब्रिस्तान में रियाज करते थे ताकि खुलकर गा सकें और किसी को कोई परेशानी भी ना हो . पुत्र-वधू नम्रता गुप्ता खान के साथ मिलकर लिखे गए अपने संस्मरण […]
नयी दिल्ली : पद्म विभूषण से सम्मानित भारतीय शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में जाने-माने नाम उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान का कहना है कि लड़कपन में वह कब्रिस्तान में रियाज करते थे ताकि खुलकर गा सकें और किसी को कोई परेशानी भी ना हो . पुत्र-वधू नम्रता गुप्ता खान के साथ मिलकर लिखे गए अपने संस्मरण ‘ए ड्रीम आई लिव्ड एलोन’ के लांच पर 87 वर्षीय खान ने याद किया कि कैसे उन्होंने देर से बोलना शुरू किया और उनके मां-बाप ने उनके मुंह से पहला शब्द सुनने के लिए क्या-क्या जतन किए. किताब का प्रकाशन पेंग्विन रैंडम हाउस ने किया है.
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