बिम्स्टेक में शामिल होने काठमांडू पहुंचे पीएम मोदी, दो राष्ट्र प्रमुखों के साथ आज करेंगे बैठक, पूरा कार्यक्रम

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Aug 2018 9:05 AM

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काठमांडू/नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्स्टेक सम्मेलन में शामिल होने के लिए काठमांडू पहुंच गये हैं. एयरपोर्ट पर उनकी आगवानी नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरियाल ने की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में आतंकवाद, पड़ोसी देशों से द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों पर वार्ता करेंगे. इस बैठक में सदस्य देशों के बीच आतंकवाद […]

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काठमांडू/नयी दिल्ली :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिम्स्टेक सम्मेलन में शामिल होने के लिए काठमांडू पहुंच गये हैं. एयरपोर्ट पर उनकी आगवानी नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरियाल ने की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में आतंकवाद, पड़ोसी देशों से द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने सहित अन्य मुद्दों पर वार्ता करेंगे. इस बैठक में सदस्य देशों के बीच आतंकवाद सहित सुरक्षा के विविध आयाम, मादक पदार्थो की तस्करी, साइबर अपराध, प्राकृतिक आपदा के अलावा कारोबार एवं सम्पर्क से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी और आपसी सहयोग मजबूत बनाने पर जोर दिया जाएगा. बिम्स्टेक समूह के नेता आज नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी से मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री मोदी का आज श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात का कार्यक्रम है. यात्रा पर रवाना होने से पहले अपनी फेसबुक पोस्ट में कल प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शिखर बैठक के दौरान वे ‘‘बंगाल की खाड़ी बहु क्षेत्रीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग पहल’ (बिम्स्टेक) देशों के नेताओं के साथ क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत बनाने, कारोबारी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और शांतिपूर्ण एवं समृद्ध बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के निर्माण में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा करेंगे.


शिखर सम्मेलन का विषय क्या है?

उन्होंने कहा था ‘‘ शिखर सम्मेलन का विषय ‘‘ शांतिपूर्ण, समृद्ध और सतत बंगाल की खाड़ी’ है और यह हम सभी की साझा आकांक्षाओं एवं चुनौतियों के संबंध में सामूहिक प्रतिक्रिया में मददगार होगा.’ प्रधानमंत्री ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि चौथा बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन अब तक इस समूह के तहत हुई प्रगति को और आगे बढ़ायेगा और शांतिपूर्ण एवं समृद्ध बंगाल की खाड़ी के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा. उन्होंने कहा था कि बिम्स्टेक शिखर सम्मेलन से इतर उन्हें बांग्लादेश, म्यामां, श्रीलंका, भूटान और थाईलैंड के नेताओं से बातचीत करने का अवसर मिलेगा. मोदी ने कहा था, ‘‘ मैं नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ बैठक को आशान्वित हूं. इस दौरान मई 2018 में अपनी नेपाल यात्रा के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्ष करूंगा.’

कौन-कौन देश हैं बिम्स्टेक के सदस्य?

प्रधानमंत्री मोदी और नेपाली प्रधानमंत्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में नेपाल भारत मैत्री धर्मशाला का उद्घाटन करेंगे. सात देश के इस समूह में दक्षेस के पांच देश -बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं. इनके अलावा आसियान के दो देश म्यामां और थाईलैंड भी इसके सदस्य हैं.

आतंकवाद महत्वपूर्ण विषय

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, आतंकवाद से मुकाबला सभी बिम्स्टेक देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है. गोवा में वर्ष 2016 में संपन्न बिम्स्टेक आउटरीच सम्मेलन में जारी घोषणापत्र में आतंकवाद से मुकाबले पर विचार विमर्श का जिक्र था. उस बैठक में जोर दिया गया था कि आतंकवादी गतिविधियों को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता. बिम्स्टेक बैठक से इतर प्रधानमंत्री समूह के देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक एवं चर्चा भी कर सकते हैं.

सुबह हुए थे रवाना

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह बिम्स्टेक की बैठक में शामिल होने के लिए नेपाल रवाना हो गये. नेपाल में 30 व 31 अगस्त को बिम्स्टेक की बैठक प्रस्तावित है. बिमस्टेक का मतलब है- ‘‘बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक को-ऑपरेशन’. प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत पड़ोसी देशों से अपने बेहतर संबंध के लिए संकल्पित है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेपाल दौरे के दौरान पशुपतिनाथ मंदिर भी जाएंगे.जा सकते हैं. साथ ही असम एनआरसी विवाद के बाद वे पहली बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से भी मिलेंगे.

बिमस्टेककी बैठक में सदस्य देशों के बीच आतंकवाद सहित सुरक्षा के विविध आयाम, मादक पदार्थो की तस्करी, साइबर अपराध, आपदाओं के अलावा कारोबार एवं कनेक्टिविटी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी और आपसी सहयोग मजबूत बनाने पर जोर दियाजाएगा. सात देश के इस समूह में सार्क के पांच देश -बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं. इनके अलावा आसियान के दो देश म्यांमार और थाईलैंड भी इसके सदस्य हैं.

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, आतंकवाद से मुकाबला सभी बिम्सटेक देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है. गोवा में वर्ष 2016 में संपन्न बिम्सटेक आउटरीच सम्मेलन में जारी घोषणापत्र में आतंकवाद से मुकाबले पर विचार विमर्श हुआ था. उस बैठक में जोर दिया गया था कि आतंकवादी गतिविधियों को किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता.

उन्होंने कहा कि आतंकवाद का विषय तब से राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुखों तथा अन्य क्षेत्रीय बैठकों में चर्चा से संबंधित महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है. पिछली बैठक में बिम्सटेक नेताओं ने आतंकवाद की निंदा करते हुए कहा था कि आतंकवादियों, आतंकवादी संगठनों और नेटवर्क के खात्मे और उन्हें प्रोत्साहन, समर्थन, वित्तीय सहयोग और सुरक्षित पनाह देने वाले देशों की जवाबदेही तय करने और उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने की जरूरत है.

बिम्सटेक बैठक से इतर प्रधानमंत्री समूह के देशों के साथ द्विपक्षीय बैठक एवं चर्चा भी कर सकते हैं. 30 अगस्त को शुरू हो रही बैठक में पहले दिन समूह के नेता संयुक्त बैठक करेंगे. इसी दिन दोपहर में पूर्ण सत्र होगा. इस दिन रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रि भोज होगा. अगले दिन 31 अगस्त को सदस्य देशों के नेताओं की मुलाकात एवं बैठकें होगी. दोपहर बाद विम्सटेक का समापन सत्र होगा.

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