मराठा आरक्षण को लेकर मुंबई बंद हुआ हिंसक, बसों पर हमला, ट्रेनें रोकी गयीं

Updated at : 25 Jul 2018 11:07 AM (IST)
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मराठा आरक्षण को लेकर मुंबई बंद हुआ हिंसक, बसों पर हमला, ट्रेनें रोकी गयीं

मुंबई : सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण को लेकर आज आहूत मराठा संगठनों के बंद के दौरान मुंबई और ठाणे में सरकारी बसों पर हमले किये गये जबकि लोकल ट्रेनें रोक दी गयीं. मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और सतारा जिले की पुलिस बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए […]

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मुंबई : सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण को लेकर आज आहूत मराठा संगठनों के बंद के दौरान मुंबई और ठाणे में सरकारी बसों पर हमले किये गये जबकि लोकल ट्रेनें रोक दी गयीं. मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और सतारा जिले की पुलिस बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है.

इस बीच औरंगाबाद से मिली खबर के अनुसार, कल प्रदर्शन के दौरान जहर पीने वाले प्रदर्शनकारी जगन्नाथ सोनवणे की आज स्थानीय सरकारी अस्पताल में मौत हो गयी. इससे पहले जिले के ही अन्य प्रदर्शनकारी 27 वर्षीय काकासाहब शिंदे ने गोदावरी नदी में कूद कर जान दे दी थी. परिवहन निगम के अधिकारी ने बताया कि मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में प्रदर्शनकारियों ने नौ सरकारी बसों पर हमला किया है. प्रदर्शनकारियों ने मुंबई के कंजुरमार्ग और भांडुप इलाकों सहित अन्य जगहों पर सरकारी बसों पर पथराव किये और उनकी खिड़कियां तोड़ दीं.

परिवहन निगम के एक अधिकारी ने बताया कि बसों पर हो रहे पथराव को ध्यान में रखते हुए बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बीईएसटी) ने प्रभावित इलाकों में अपनी सेवा आंशिक रूप से निलंबित कर दी है और हालात सुधरने पर ही उसे पूर्ण रूप से बहाल करेगी. अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने मानखुर्द में सड़क अवरूद्ध करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. उन्होंने चांदीवली इलाके में टायर जलाने और जोगेश्वरी तथा कांदीवली में सड़कें अवरूद्ध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. बांद्रा, माटुंगा और मुलुंड इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर मार्च निकाले और दुकानदारों से अपनी दुकानें बंद करने का अनुरोध किया. प्रदर्शनकारियों ने पड़ोसी ठाणे जिले के वाग्ले एस्टेट इलाके में भी सरकारी परिवहन पर पथराव किया और घोड़बंदर रोड इलाके में टायर जलाये. लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया. उन्होंने तीन हाथ नाका जंक्शन सहित कई रास्ते अवरूद्ध कर दिये जिसके कारण मुंबई जाने वाली सड़कों पर भीषण जाम लग गया. अधिकारी ने बताया कि नवी मुंबई के घनसोली इलाके में भी एक बस पर हमला हुआ है. घटना के बाद क्षेत्र में बस सेवा निलंबित कर दी गयी है. पिछले शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मुकाबले प्रदर्शनकारियों ने आज मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेनों को रोकने का प्रयास किया. पश्चिम रेलवे ने ट्वीट किया है, कुछ प्रदर्शनकारियों ने जोगेश्वरी में सुबह नौ बजकर सोलह मिनट पर अप ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें तुरंत पटरियों से हटा दिया गया.

ट्रेन सेवा नौ बजकर चौबीस मिनट पर बहाल हो गयी. पश्चिम रेलवे की सभी ट्रेनें समय पर चल रही हैं. प्रदर्शनकारियों ने नवी मुंबई की ट्रांस हार्बर लाइन पर स्थित ठाणे और घनसोली स्टेशनों पर ट्रेनों पर पथराव किया जिसके कारण सेवा कुछ देर बाधित रही. मध्य रेलवे के जन संपर्कअधिकारी सुनील उदासी ने कहा, ठाणे और घनसोली पर सुबह करीब 10 बजे कुछ घटनाएं हुईं. लेकिन 10 बजकर 24 मिनट पर सेवा बहाल हो गयी. गौरतलब है कि मुंबई क्षेत्र में करीब 70 लाख लोग रोज लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं. बंद के कारण सड़कों पर टैक्सियों और ऑटो रिक्शा भी कम ही नजर आ रहे हैं. कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने मराठा समुदाय का कथित रूप से अपमान करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और लोक निर्माण मंत्री चन्द्रकांत पाटिल के खिलाफ नारेबाजी की.

नवी मुंबई के तुर्भे में मंडी बंद रही क्योंकि पालदार मराठा समुदाय के बंद का समर्थन कर रहे हैं. मुंबई पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है. सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले मराठा क्रांति मोर्चा ने आज मुंबई और आसपास के कुछ जिलों में बंद का आह्वान किया है. अन्य संगठन सकल मराठी समाज ने नवी मुंबई और पनवेल इलाकों में बंद का आह्वान किया है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में कल आयोजित बंद हिंसक हो गया जिसमें प्रदर्शनकारियों के पथराव से एक कांस्टेबल की मौत हो गई जबकि नौ अन्य जख्मी हो गए. प्रदर्शनकारियों ने कई गाड़ियों को भी फूंक दिया और दो प्रदर्शनकारियों ने आत्महत्या करने की कोशिश की. महाराष्ट्र बंद का ज्यादा असर औरंगाबाद और आसपास के जिलों में देखने को मिला जहां परसों आरक्षण के पक्ष में निकाले गए मार्च के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी. राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली मराठा समुदाय के लिए आरक्षण का मामला बेहद विवादास्पद मुद्दा है. राज्य की आबादी में करीब 30 फीसदी मराठा हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पंढरपुर के मंदिर की अपनी यात्रा मराठा संगठनों की इस धमकी के बाद स्थगित कर दी थी कि वे कार्यक्रम में बाधा पहुंचायेंगे.

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