मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों बाद NIA कोर्ट के जज ने दिया इस्तीफा

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हैदराबाद : हैदराबाद में आतंकवाद रोधी विशेष अदालत ने मक्का मजिस्द में 2007 में हुए विस्फोट कांड में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद और चार अन्य को आज बरी कर दिया. इधर फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों बाद NIA कोर्ट के जज रविंदर रेड्डी ने इस्‍तीफा दे दिया. रेड्डी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के […]

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हैदराबाद : हैदराबाद में आतंकवाद रोधी विशेष अदालत ने मक्का मजिस्द में 2007 में हुए विस्फोट कांड में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता स्वामी असीमानंद और चार अन्य को आज बरी कर दिया. इधर फैसला सुनाने के कुछ ही घंटों बाद NIA कोर्ट के जज रविंदर रेड्डी ने इस्‍तीफा दे दिया.

रेड्डी ने आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्‍य न्‍यायाधीश को अपना इस्तीफा भेजा दिया है. उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अभियोजन उनके खिलाफ मामला साबित करने में नाकाम रहा है. मक्का मस्जिद में 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के दौरान एक बड़ा विस्फोट हुआ था जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी और 58 अन्य जख्मी हो गए थे.

एनआईए की एक मेट्रोपोलिटन अदालत के फैसले के बाद असीमानंद के वकील जे. पी. शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, अभियोजन मुकदमे का सामना करने वाले पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में विफल रहा. इसलिए अदालत ने उन्हें बरी कर दिया.

शर्मा ने बताया कि बरी हुए आरोपियों में देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद उर्फ नब कुमार सरकार, भरत मोहनलाल रतेश्वर उर्फ भरत भाई और राजेंद्र चौधरी शामिल हैं. इस मामले की शुरुआती जांच स्थानीय पुलिस ने की थी और फिर इसे सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था. इसके बाद 2011 में देश की प्रतिष्ठित आतंकवाद रोधी जांच एजेंसी एनआईए को यह मामला सौंपा गया.

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हिन्दू दक्षिणपंथी संगठनों से कथित रूप से संपर्क रखने वाले 10 लोग मामले में आरोपी थे. बहरहाल, उनमें से आज बरी हुए पांच आरोपियों पर ही मुकदमा चला था. मामले के दो अन्य आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसांगरा फरार हैं और एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की हत्या कर दी गई है. अन्य दो आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है.

सुनवाई के दौरान 226 चश्मदीदों से पूछताछ की गई और करीब 411 दस्तावेज पेश किए गए. स्वामी असीमानंद और भरत मोहनलाल रातेश्वर जमानत पर हैं जबकि तीन अन्य इस समय न्यायिक हिरासत में केन्द्रीय जेल में हैं.

* लोगों का एनआईए से विश्वास खत्म हो रहा है : कांग्रेस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने वर्ष 2007 के मक्का मस्जिद विस्फोट मामले में एक अदालत द्वारा स्वामी असीमानंद और चार अन्य को बरी किए जाने के निर्णय के बाद आज राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( एनआईए ) के कामकाज पर सवाल उठाए.

उन्होंने कहा , चार वर्ष पहले सरकार बनने के बाद से यह ( बरी किया जाना ) हर मामले में हो रहा है … लोगों का एजेंसियों से विश्वास समाप्त होता जा रहा है. पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल ने कहा , मुझे यह कहने में काफी कठिनाई हो रही है कि यह सही है या गलत. उन्होंने कहा कि उन्हें आरोपपत्र की प्रकृति के बारे में जानकारी नहीं है.

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