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मोदी केयर में निजी अस्पतालों के फ्राड पर होगी सख्ती, पर नहीं रुकेगा आपका इमरजेंसी इलाज

Updated at : 09 Feb 2018 1:30 PM (IST)
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मोदी केयर में निजी अस्पतालों के फ्राड पर होगी सख्ती, पर नहीं रुकेगा आपका इमरजेंसी इलाज

नयी दिल्ली : बजट 2018 में नरेंद्र मोदी सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी एलान आयुष्मान भारत को सरकार जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी में है. इस स्कीम को लागू करने का प्रारूप नीति आयोग तैयार कर रहा है और इस दिशा में अबतक काफी काम हो चुका है. स्कीम के तहत स्वास्थ्य बीमा का […]

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नयी दिल्ली : बजट 2018 में नरेंद्र मोदी सरकार के सबसे महत्वाकांक्षी एलान आयुष्मान भारत को सरकार जल्द से जल्द लागू करने की तैयारी में है. इस स्कीम को लागू करने का प्रारूप नीति आयोग तैयार कर रहा है और इस दिशा में अबतक काफी काम हो चुका है. स्कीम के तहत स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्राप्त व्यक्ति निजी अस्पताल में इलाज करा सकता है और फिलहाल इसके लिए सरकारी अस्पताल से रेफर कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी. नीति आयोग के सदस्यडॉ वीके पॉल ने सीएनबीसीआवाज को दिये एक इंटरव्यू में कहा है कि इस योजना से निजी अस्पताल फेयर प्राइसिंग के जरिये जुड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को इसके लिए गाइड लाइन एग्रीमेंट करना होगा और उन्हें अपनी मनमानी करने की छूट नहीं होगी. डाॅ वीके पॉल के अनुसार, इस एग्रीमेंट में यह शर्त भी होगी कि अगर हमारी शिकायत होगी तो उसमें क्या कार्रवाई होगी या क्या कदम उठाये जायेंगे, उन्हें सिटीजन चार्टर को मानना पड़ेगा और किसी क्षति की भी भरपाई करनी होगी.

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आयुष्मान भारत के तहत हर बीमारी के लिए प्रक्रिया व कीमत तय की जाएगी. इलाज के लिए करीब 1200 अलग-अलग पैकेज तैयार किये जायेंगे. पांच लाख की बीमा कवर योजना के कारण निजी अस्पतालों के बेजा लाभलेने की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के लिए गाइड लाइन होगी. हालांकि इमरजेंसी व जरूरी इलाज को समय पर तुरंत किया जायेगा. अगर कोई इलाज महंगा या फालतू लगता है तो उसके लिए अस्पतालों को सरकार की टीम को इसके लिए फोन करना होगा और वह टीम यह परखेगी कि यह कितना जरूरी है.

योजना आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा है कि इस योजना के लिए फ्रेम वर्क लगभग तैयार है और अन्य कार्य जारी हैं. बजट 2018 में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 50 करोड़ लोगों को नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा लाभ देने का एलान किया है, जिसका वार्षिक प्रीमियम का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र व 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकारों को वहन करना है. आयुष्मान भारत नाम की यह योजना मोदी केयर के नाम से लोकप्रिय हो गयी है.

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