कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद राहुल गांधी की डिनर पार्टी आज, जानें उनके सामने की चुनौतियां

Updated at : 17 Dec 2017 10:53 AM (IST)
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कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद राहुल गांधी की डिनर पार्टी आज, जानें उनके सामने की चुनौतियां

नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी रविवार शाम दिल्ली में पार्टी नेताओं के साथ डिनर करेंगे. इसके लिए सभी कांग्रेस सांसद, विधायक, स्टेट कमेटी के नेता और पदाधिकारियों को निमंत्रण भेजा गया है. आपको बता दें कि 47 साल के राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के चुनाव में अध्‍यक्ष पद के लिए […]

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नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी रविवार शाम दिल्ली में पार्टी नेताओं के साथ डिनर करेंगे. इसके लिए सभी कांग्रेस सांसद, विधायक, स्टेट कमेटी के नेता और पदाधिकारियों को निमंत्रण भेजा गया है. आपको बता दें कि 47 साल के राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के चुनाव में अध्‍यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुने गये थे.

शनिवार को कांग्रेस मुख्‍यालय में चुनाव अधिकारी एम रामचंद्रन ने उन्हें सर्टिफिकेट प्रदान किया. वह इस पोस्ट को संभालने वाले नेहरू-गांधी परिवार के छठे और कांग्रेस के 60वें सदस्य हैं. राहुल से पहले सोनिया गांधी 19 साल (1998-2017) कांग्रेस अध्‍यक्ष रहीं. राहुल 2013 में कांग्रेस के उपाध्‍यक्ष बने थे.

बतौर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल के सामने तीन चुनौतियां

यूपीए को एकजुट रखना
सोनिया गांधी अभी यूपीए की चेयरपर्सन बनी रहेंगी या नहीं. इस पर सोनिया ने कहा है कि उनकी उम्र रिटायर होने की है. शायद वे पार्टी मेंटर के रूप में काम करती रहेंगी. यूपीए की कई सहयोगी पार्टियां हैं. टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार सोनिया की बात मानते हैं, लेकिन ये सभी नेता राहुल की बात मानेंगे या नहीं, यह भविष्य में तय होगा.

देश को विजन बताना

राहुल के पिता राजीव गांधी 21वीं सदी की बात करते थे. कंप्यूटर को भारत लाने का श्रेय भी राजीव के नाम है. राजीव के पास एक उन्नत भारत का विजन था. जवाहरलाल नेहरु, इंदिरा गांधी और संजय गांधी सभी के पास एक दूरदृष्टि थी. अब राहुल को यह बताना होगा कि देश की आर्थिक नीति और विदेश नीति को लेकर उनका नजरिया क्या है. देश का विकास कैसे होगा, यह बताना होगा.

एंटी हिंदू छवि बदलना

पिछले एक दशक के दौरान देश में कांग्रेस की छवि एंटी हिंदू की बन गयी है, जिसका फायदा भाजपा को हुआ है. हालांकि, राहुल इस छवि को बदलने में लगे हैं. गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान राहुल 27 बार मंदिर गये . खुद को शिवभक्त बताया. पार्टी ने सोशल मीडिया पर उनकी जनेऊ पहने कई तस्वीरें भी पोस्ट की. साथ ही राहुल को दलित, मुस्लिम व ओबीसी वोटरों पर ध्यान देना होगा.

यह भी जानें

राहुल की संपत्ति : 8.2 करोड़
2014 के आम चुनावों में राहुल ने हलफनामा दाखिल किया था. इसके मुताबिक, उनकी कुल संपत्ति का मूल्य 2009 में 4.4 करोड़ था, जो बढ़कर 8.2 करोड़ रुपये हो गया है.

65 पार नेता जायेंगे छुट्टी पर
राहुल 65-70 साल से ज्यादा उम्र के नेताओं को पार्टी में पद नहीं देंगे. इस फैसले से अहमद पटेल और मोतीलाल वोरा जैसे वरिष्ठ नेताओं की भूमिका क्या होगी? हालांकि, राहुल अपनी टीम में पी चिदंबरम, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल को रख सकते हैं.

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