ePaper

Kargil Vijay Diwas 2020: बिहार के लाल कैप्टन मनोहर सिंह, पहाड़ पर गोलीबारी के बीच दुश्मनों के हथियार के नौ अड्डों को किया था ट्रेस

Updated at : 26 Jul 2020 6:18 AM (IST)
विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2020: बिहार के लाल कैप्टन मनोहर सिंह, पहाड़ पर गोलीबारी के बीच 
 दुश्मनों के हथियार के नौ अड्डों को किया था ट्रेस

Kargil Vijay Diwas 2020 मुजफ्फरपुर: पाकिस्तानी सैनिक लगातार गोलीबारी और बमबारी कर रहे थे. कोर ऑफ सिग्नल ऑपरेटर होने के दुश्मनों के लोकेशन को ट्रेस करना, घुसपैठ, गोला - बारूद के ठिकाने को चिह्नित कर सेना हेडक्वार्टर को अवगत कराना था. युद्ध शुरू होते ही बिहार के लाल कैप्टन मनोहर सिंह को श्रीनगर से चौपर से चार महीने के लिए कारगिल भेजा गया.

विज्ञापन

Kargil Vijay Diwas 2020 मुजफ्फरपुर: पाकिस्तानी सैनिक लगातार गोलीबारी और बमबारी कर रहे थे. कोर ऑफ सिग्नल ऑपरेटर होने के दुश्मनों के लोकेशन को ट्रेस करना, घुसपैठ, गोला – बारूद के ठिकाने को चिह्नित कर सेना हेडक्वार्टर को अवगत कराना था. युद्ध शुरू होते ही बिहार के लाल कैप्टन मनोहर सिंह को श्रीनगर से चौपर से चार महीने के लिए कारगिल भेजा गया.

शाम आठ बजे चौपर उनकी टुकड़ी को पहाड़ी के ढलान पर उतारकर चला गया

शाम आठ बजे चौपर उनकी टुकड़ी को पहाड़ी के ढलान पर उतारकर चला गया. उनके साथ सेना का तीन जवान और एक सिविल ट्रांसलेटर था. रात भर पहाड़ पर ठहरने के लिए पत्थर हटा – हटा कर गड्ढा बनाया. दोनों तरफ से लगातार गोलीबारी जारी थी. उनकी टीम के पास खाने के लिए 72 घंटे का ड्राई भोजन था. एक – एक बोतल पानी था. उसने अपने यंत्रों को स्थापित कर दुश्मनों का लोकेशन ट्रेस करने का काम शुरू किया .

Also Read: Kargil Vijay Diwas 2020 : बिहार के सपूत गणेश, दोस्त को लगी गोली तो शहादत तक लड़कर दुश्मनों को मारा, बिना युद्ध की जानकारी दिए घर से लाैटे थे सीमा पर
पाकिस्तानी सेना के नौ हथियार के अड्डे को ट्रेस कर लिया

उनके साथ मौजूद सिविल ट्रांसलेटर अगले दिन सुबह 10 बजे चाय लेने के लिए लंगर में जा रहा था. लेकिन बीच रास्ते में पाकिस्तानी सैनिकों की गोलीबारी में वह शहीद हो गये. वह 72 घंटों से अधिक समय तक ड्यूटी पर डटे रहे. इस दौरान पाकिस्तानी सेना के नौ हथियार के अड्डे को ट्रेस कर लिया.

बहादुरी के लिए कैप्टन पद देकर सम्मानित किया गया

उन्होंने बताया कि 1998 से 2001 तक उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में रही. कारगिल युद्ध के दौरान 60 दिनों तक हर- पल उनके सामने बस एक ही चुनौती थी कि कैसे दुश्मन को पराजित करे. उनकी बहादुरी के लिए कैप्टन पद देकर सम्मानित किया गया.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन