Patna News : साइबर ठग गिरोह के सात गिरफ्तार, डिवाइस और दस्तावेज हुए बरामद

साइबर थाने की पुलिस ने साइबर ठग के दो गिरोहों के शातिरों को पकड़ा है.
संवाददाता, पटना : साइबर थाने की पुलिस ने साइबर ठग के दो गिरोहों के शातिरों को पकड़ा है. रविवार को साइबर थाना के डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी रोड नं-10 स्थित केसरी नगर से छापेमारी कर तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह ऑनलाइन गेमिंग व मीशो पर ऑर्डर देने वालों से एपीके फाइल भेजकर साइबर ठगी करते थे. इस गिरोह में एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है. गिरफ्तार साइबर ठगों में पश्चिमी चंपारण के बसवरिया निवासी अभय कुमार, गोपालगंज के कटेया निवासी नितिश कुशवाहा और राहुल सिंह शामिल हैं. इनके पास से दो लैपटॉप, एक टैब, 15 मोबाइल, 61 एटीएम कार्ड, वाइ-फाइ फाइबर और एक डायरी भी जब्त किया गया है.
बड़ी कंपनियों के फ्रेंचाइजी के नाम पर करते थे ठगी
बड़ी-बड़ी कंपनियों का फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार साइबर शातिरों को पटना साइबर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. साइबर थाने की पुलिस ने रांची में दो दिनों तक छापेमारी की. इसके बाद किराये के एक फ्लैट से पुलिस ने खेमनीचक के विकास कुमार, नवादा के आकाश कुमार, चंद्रपाल पटेल और नालंदा के मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है. साइबर थाने के प्रभारी डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने कहा कि यह गिरोह लंबे समय से फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी कर रहा था. गिरोह के कुछ और शातिरों का नाम आया है. गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है. बिहार के ये साइबर शातिर रांची में बैठकर ठगी कर रहे थे. इन शातिरों के ठिकाने से पुलिस 7 मोबाइल फोन और 16 हजार 100 रुपये बरामद किये गये हैं.
बर्गर किंग का प्रतिनिधि बन दो शातिर आये थे पटना
इसी गिरोह ने शास्त्रीनगर के रहने वाले शशांक कुमार से 11 लाख 79 हजार 500 रुपए की ठगी की थी. शशांक का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस छानबीन में जुटी और कार्रवाई की. शातिर ने रजिस्ट्रेशन और अन्य सुविधा देने के नाम पर शशांक से ठगी की. तीसरी बार जब पैसा मांगा गया, तक शशांक ने दिये गये खाते के बारे में जानकारी जुटायी. उन्हें पता चला कि खाता बर्गर किंग के नाम से नहीं है. खाता ग्रामीण बैंक झारखंड का है. शशांक को बर्गर किंग का फ्रेंचाइजी लेना था. उन्होंने गूगल पर बर्गर किंग सर्च किया. वहां से वे साइबर शातिरों द्वारा बर्गर किंग की फर्जी वेबसाइट पर चले गये. वहां दिये गये नंबर पर संपर्क किया. तब शातिर ने शशांक से कहा कि उनके प्रतिनिधि पटना आकर साइट विजिट करेंगे. रांची से विकास और मनीष पटना आये. शशांक से मिले. शशांक को भरोसा हो गया कि अब उन्हें फ्रेंचायजी मिल जायेगी. इसके बाद दो बार में उन्होंने शातिर के खाते पर 11.79 लाख रुपया जमा कर दिये. शातिर ने तीसरी बार जब 17 लाख की डिमांड की, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे ठगी के शिकार हो गये हैं.
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