Jamshedpur News : टाटा मोटर्स के ''मदर प्लांट'' में बड़ा बदलाव, 1 अक्तूबर से जमशेदपुर प्लांट बनेगा ''टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड''

Published by : RAJESH SINGH Updated At : 01 Sep 2025 1:32 AM

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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

Jamshedpur (Ashok Jha) : टाटा मोटर्स का डीमर्जर यानी विभाजन 1 अक्तूबर, 2025 से प्रभावी होने जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा असर जमशेदपुर प्लांट पर पड़ेगा.

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Jamshedpur (Ashok Jha) :

टाटा मोटर्स का डीमर्जर यानी विभाजन 1 अक्तूबर, 2025 से प्रभावी होने जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा असर जमशेदपुर प्लांट पर पड़ेगा. दशकों से ”मदर प्लांट” के नाम से मशहूर जमशेदपुर प्लांट पूरी तरह से वाणिज्यिक वाहनों (कॉमर्शियल व्हीकल्स, सीवी ) के उत्पादन पर केंद्रित होगी और इसका नया नाम टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड होगा. इस विभाजन के बाद, जमशेदपुर प्लांट के लगभग 7000 कर्मचारी टाटा मोटर्स लिमिटेड की बजाय नयी कंपनी के कर्मचारी कहलायेंगे. विभाजन के बाद, ”टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड” पूरी तरह से ट्रक और बसों जैसे वाणिज्यिक वाहनों पर ध्यान केंद्रित करेगी. वहीं, पैसेंजर व्हीकल्स (पीवी ) बिजनेस में कार, इलेक्ट्रिक वाहन और जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) शामिल रहेगी और ”टाटा मोटर्स लिमिटेड” के साथ मिला दिया जायेगा. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) मुंबई बेंच से मंजूरी मिलने के बाद, कंपनी 1 अक्तूबर 2025 से दो अलग-अलग इकाइयों में विभाजित हो जायेगी.

स्टॉक एक्सचेंज में अलग-अलग लिस्ट होगी कंपनी

दोनों कंपनियां, यानी वाणिज्यिक वाहन कंपनी और यात्री वाहन कंपनी, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में अलग-अलग लिस्ट होंगी. वर्तमान में सभी कर्मचारी टाटा मोटर्स लिमिटेड के कर्मी हैं. टाटा मोटर्स प्रबंधन का मानना है कि यह कदम ऑपरेशन में अधिक पारदर्शिता लायेगा और दोनों व्यवसायों को अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर ढंग से ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा. इससे प्रत्येक इकाई को अपने प्रदर्शन का स्पष्ट मूल्यांकन करने और वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी. इस बदलाव से कंपनी के भविष्य में मजबूत विकास और स्थिरता की उम्मीद है.

टाटा मोटर्स के पहले टेल्को था कंपनी का नाम

टाटा मोटर्स का जमशेदपुर प्लांट 1945 में स्थापित किया गया था. यह कंपनी की पहली और सबसे पुरानी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जिसे कंपनी का ”मदर प्लांट” भी कहा जाता है. पहले इसका नाम टेल्को (टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी) था. शुरुआत में लोकोमोटिव (रेल इंजन) बनाने के लिए प्लांट की स्थापना की गयी थी. 1954 में जर्मनी की मर्सिडीज-बेंज के साथ संयुक्त उद्यम के बाद, जमशेदपुर प्लांट में वाणिज्यिक वाहनों (जैसे ट्रक) का उत्पादन शुरू किया गया. जमशेदपुर प्लांट कंपनी का पहला और सबसे पुराना प्लांट है और यह कॉमर्शियल वाहनों के उत्पादन का मुख्य केंद्र रहा है.

डीमर्जर के बाद जमशेदपुर प्लांट में दिखेगा बड़ा बदलाव

डीमर्जर के बाद इसका सीधा असर जमशेदपुर के ”मदर प्लांट” पर दिखेगा. प्रबंधन के स्तर पर भी बड़ा बदलाव होगा. दोनों ही कंपनियों के लिए अब अलग-अलग मैनेजमेंट टीम होगी. अधिकारियों की रिपोर्टिंग में भी बदलाव होंगे. कई पुरान चेहरे बदल जायेंगे.

कर्मचारियों पर क्या होगा असर

डीमर्जर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव कंपनी के कर्मचारियों पर भी पड़ेगा. कर्मचारियों की नौकरी और वेतन पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उनके कागजात और पहचान में बदलाव आयेगा. पहला बदलाव यह होगा कि जमशेदपुर प्लांट के सभी कर्मचारी 1 अक्तूबर से ”टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड” के कर्मचारी कहलायेंगे. उनके पहचान पत्र, नौकरी के कागजात सहित अन्य संबंधित दस्तावेजों में बदलाव होगा.

”दृष्टि” ऐप में होगा बदलाव

वर्तमान में जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारी ”दृष्टि” ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति, वेतन स्लीप, फॉर्म-16, कंपनी का सर्कुलर, कर्मचारियों की छुट्टी का विवरण, पेड होलीडे, पीएफ आदि का सारा विवरण देख और अपलोड करते थे. अब ”दृष्टि” ऐप में बड़े बदलाव होंगे.

10 सितंबर से पहले दाखिल करना होगा सहमति पत्र

जमशेदपुर प्लांट के कर्मचारियों को 10 सितंबर से पहले एक सहमति पत्र भी भरना होगा. जिसमें उन्हें कंपनी के इस विभाजन पर अपनी सहमति देनी होगी. यह आवेदन सितंबर माह के पहले सप्ताह में ही ”दृष्टि” ऐप पर उपलब्ध होगा.

प्रबंधन ने यूनियन पदाधिकारियों को कराया अवगत

टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी और विभाग प्रमुख यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर कर्मचारी इस प्रक्रिया को पूरा करें. टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों को कुछ दिन पूर्व टीआर डिपार्टमेंट की ओर से इसकी जानकारी दी गयी. अब यूनियन के सदस्य अपने-अपने विभागों में जाकर कर्मचारियों को इसकी जानकारी दे रहे हैं.

20 सितंबर से फ्रीज हो जायेगा ”दृष्टि” ऐप

प्रबंधन के अनुसार, ”दृष्टि” ऐप 20 सितंबर से 5 अक्तूबर तक पूरी तरह से फ्रीज हो जायेगी और काम नहीं करेगी, ताकि सिस्टम में आवश्यक बदलाव किये जा सकें. कर्मचारियों को सलाह दी गयी है कि इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए ऐप पर निर्भर नहीं रहें. सभी कर्मचारियों को 10 सितंबर तक अपने सभी कागजात और व्यक्तिगत जानकारी को ”दृष्टि” ऐप पर अपडेट करने और डाउनलोड करने को कहा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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