शोध: लड़कियों को ज्यादा मिलती है पिता की सहानुभूति, बेटों की अपेक्षा बेटियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं पिता

Updated at : 27 May 2017 12:35 PM (IST)
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शोध: लड़कियों को ज्यादा मिलती है पिता की सहानुभूति, बेटों की अपेक्षा बेटियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं पिता

अमेरिका में हुए एक शोध में पता चला कि पिता बेटों की अपेक्षा बेटियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं. बेटियों के साथ पिता का भावनात्मक जुड़ाव बेटों की अपेक्षा ज्यादा होता है. नेशनल कंटेंट सेल बेटियां पिता की चहेती होती हैं. बेटों की अपेक्षा बेटियों पर पिता ज्यादा ध्यान देते हैं. अमेरिका में हुए एक […]

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अमेरिका में हुए एक शोध में पता चला कि पिता बेटों की अपेक्षा बेटियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं. बेटियों के साथ पिता का भावनात्मक जुड़ाव बेटों की अपेक्षा ज्यादा होता है.

नेशनल कंटेंट सेल

बेटियां पिता की चहेती होती हैं. बेटों की अपेक्षा बेटियों पर पिता ज्यादा ध्यान देते हैं. अमेरिका में हुए एक नये शोध से पता चला है कि पिता अपने बेटों के मुकाबले बेटियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं.

एमोरियम व एरिजोना विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अपने बच्चों के साथ पिता के बर्ताव के बारे में पिता के मानसिक स्थिति को स्कैन कर रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया.इसमें पिता के व्यवहार में दोनों लिंगों के प्रति असमान व्यवहार पाया गया. शोध में पता चला कि पिता अपनी बेटियों के साथ भावनात्मक रूप से अधिक जुड़े हुए होते हैं. विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता जेनिफर मस्कारो ने कहा कि अब सवाल यह उठता है कि बेटे और बेटियों में पिता के चाहत की कितनी सार्थकता है. उन्होंने बताया कि जैसे ही बच्चे इस दुनिया में आते हैं, उनकी प्राथमिकताएं लिंग के आधार पर तय कर दी जाती हैं. हमारा समाज भी महिलाओं को लेकर ज्यादा संवेदनशील है.

अमेरिकन फिजिकल एशोसिएट जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक बेटों पर एचिवमेंट का ज्यादा दबाव होता है जबकि बेटियों को पिता सुरक्षित रखना चाहते हैं. बात करने के दौरान भी बेटियों से पिता ज्यादा संवेदनशील होते हैं और उनकी परेशानियों को ज्यादा समझते हैं. बेटियों के रोने की आवाज पर पिता अपेक्षाकृत जल्द प्रतिक्रिया देते हैं. शोधकर्ताओं ने 52 पिता, 30 लड़कियां और 22 लड़कों का कंप्यूटरकृत अध्ययन किया. इस शोध में पिता को बच्चों से कनेक्ट कर उनकी तकलीफ, हंसी, खुशी, दर्द व विभिन्न व्यवहारों पर पिता के मानसिक स्थिति की जांच की गयी. इसमें पता चला कि पिता लड़कियों की परेशानियों में लड़कों की अपेक्षा ज्यादा दुखी हो जाते हैं.

बेटियों का हंसता चेहरा पिता को खुशी देता है

शोध के लिए पिता को एक डिवाइस देकर बच्चों के कमरे में चार्ज करने को कहा गया. ताकि पिता बच्चों से ज्यादा देर कनेक्ट रहें. इस दौरान पिता और बच्चों के बातचीत को रिकार्ड किया गया. इसमें पाया गया कि पिता बेटिओं की प्रतिक्रिया पर बेटों की अपेक्षा जल्द रियेक्ट करते हैं. बेटों की अपेक्षा बेटियों का हंसता चेहरा पिता को ज्यादा खुशी देता है.

मस्कारो बताती हैं कि पिता अपनी बेटियों के साथ भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अधिक खुले होते हैं, इससे लड़कियों को लड़कों की तुलना में पिता कि अधिक सहानुभूति मिलती है. उन्होंने बताया कि पिता वास्तव में लड़कों की भावनात्मक जरूरतों के प्रति कम ध्यान दे सकते हैं. अधिकतर पिता अपने बच्चों की परवरीश में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना चाहते हैं. इसके बावजूद अधिकांश पिता इस दौरान बेटियों को ज्यादा तवज्जों देते हैं और लिंग के आधार पर थोड़े पक्षपाती हो जाते हैं.

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