कैंसर से लड़ेगा पोलियो वायरस
Updated at : 16 Jun 2016 8:20 AM (IST)
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जानलेवा बीमारी कैंसर के स्थायी इलाज के लिए लगातार नये-नये प्रयोग किये जा रहे हैं. एेसी ही एक नयी थेरेपी है बोल्ड कैंसर थेरेपी. इस थेरेपी से उपचार के लिए पोलियो वायरस का प्रयोग किया गया है. ब्रेन कैंसर पर किया गया यह प्रयोग सफल भी रहा है. ग्लियोब्लास्टोमा (ब्रेन कैंसर) एक गंभीर रोग है. […]
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जानलेवा बीमारी कैंसर के स्थायी इलाज के लिए लगातार नये-नये प्रयोग किये जा रहे हैं. एेसी ही एक नयी थेरेपी है बोल्ड कैंसर थेरेपी. इस थेरेपी से उपचार के लिए पोलियो वायरस का प्रयोग किया गया है. ब्रेन कैंसर पर किया गया यह प्रयोग सफल भी रहा है. ग्लियोब्लास्टोमा (ब्रेन कैंसर) एक गंभीर रोग है. पुष्टि होने के कुछ महीने के अंदर ही यह गंभीर रूप धारण कर लेता है.
मगर ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों द्वारा विकसित की गयी इस नयी थेरेपी से क्लिनिकल ट्रायल में बहुत ही कम समय में यह रोग दूर हो गया. इस थेरेपी को विकसित करने के लिए पोलियो वायरस के सेंपल लिये गये. उसके बाद उसकी बीमारी उत्पन्न करने की क्षमता को समाप्त किया गया. जिस जीन से पोलियो रोग होता था उसे हिस्से को हटा कर उसकी जगह कोल्ड वायरस (फ्लू) का जीन डाल दिया गया.
इस नये वायरस का नाम पीवीएस रिपो रखा गया है. यह वायरस अपनी वृद्धि के लिए कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर देता है, लेकिन स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान नहीं पहुंचाता है. यह ट्यूमर में प्रवेश करके उसकी इम्युनिटी को समाप्त कर देता है. इससे इम्यून सिस्टम उसकी रक्षा नहीं कर पाता है और उन्हें नष्ट करना आसान हो जाता है. ऐसा ही एक मरीज में 2011 में ग्लियोब्लास्टोमा की पुष्टि हुई थी. दो साल में उसका ट्यूमर पूरी तरह समाप्त हो गया.
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