World Tsunami Awareness Day 2022: आज मनाया जा रहा है विश्व सुनामी जागरूकता दिवस, जानें इसका इतिहास

World Tsunami Awareness Day 2022: आज यानी 5 नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है. पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 05 नवंबर 2016 को पुरे विश्वभर में मनाया गया था. साल 2016 का पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस का विषय: प्रभावी शिक्षा और निकासी ड्रिल था.
World Tsunami Awareness Day 2022: विश्व सुनामी जागरूकता दिवस (World Tsunami Awareness Day) हर साल 5 नवंबर (5 November) को मनाया जाता है. वर्ष 2004 में हिंद महासागर में भूकंप के कारण सुनामी उत्पन्न हुई जिसने लगभग 15 देशों में करीब पांच लाख लोगों को प्रभावित किया. सुनामी एक वैश्विक समस्या है और इस प्रकार जोखिम कम करने के उपायों को अपनाने की बेहतर जानकारी और मान्यता के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है.
पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 05 नवंबर 2016 को पुरे विश्वभर में मनाया गया था. साल 2016 का पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस का विषय: प्रभावी शिक्षा और निकासी ड्रिल था. यह जागरूकता दिवस आपदा जोखिम न्यूनीकरण साल 2016 के एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन तथा संयुक्त राष्ट्र के आपदा जोखिम न्यूनीकरण के आपसी सहयोग से नई दिल्ली में आयोजित किया गया था.
लगभग बीते 100 वर्षों के अंदर सुनामी से इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत और थाईलैंड सहित 14 देश ऐसे रहे, जिन्होंने बहुत हानि उठाई है, इसमें स्वास्थ्य से लेकर आर्थिक हानि तक शामिल है. जहां इस बात का पता चला है कि 2 लाख 27 हजार बार इन देशों पर सुनामी का हमला हुआ था। वर्ष 2004 में सुनामी के कारण इंडोनेशिया, भारत, श्रीलंका सहित 14 देशों को सबसे बड़ी हानि हुई थी.
विश्व सुनामी जागरूकता दिवस जापान की पहल के बाद से मनाया जाता है. “सुनामी” शब्द जापानी शब्द से बना है. “त्सु” (बंदरगाह) और “नामी” (लहर) से बना है. यूएन की वेबसाइट के मुताबिक दुनिया की अनुमानित 50 प्रतिशत आबादी बाढ़, तूफान और सूनामी के संपर्क में आने वाले तटीय क्षेत्रों में रहेगी. विकासशील देशों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि सुनामी के जोखिम वाले 100 प्रतिशत समुदाय 2030 तक सुनामी के लिए तैयार हैं.
संयुक्त राष्ट्र देशों, अंतर्राष्ट्रीय निकायों से जागरूकता बढ़ाने और जोखिम कम करने हेतु नवीन दृष्टिकोण साझा करने के लिए दिवस मनाने का आह्वान करता है. साल 2030 के अंत तक, तटीय क्षेत्रों में रहने वाली विश्व जनसंख्या का लगभग 50 प्रतिशत तूफान, सुनामी और बाढ़ के संपर्क में आने वाला है.
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By Shaurya Punj
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