तीन बच्चों की जाने वाली है आंख की रोशनी, दुनिया की सैर पर निकला पूरा परिवार, जानें क्यों

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 16 Sep 2022 9:47 AM

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कनाडाई दंपति एडिथ लेमे और सेबेस्टियन पेलेटियर के घर का बड़ा सदस्य यानी उनकी बेटी का नाम मिया है जो रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा से पीड़ित है. यह एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है जिसमें समय के साथ दृष्टि बाधित होने लगती है.

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यदि आपको पता हो कि आपके आंख की रोशनी जाने वाली है, यानी आप अंधे होने वाले है तो आपका रिएक्शन क्या होगा और आप क्या देखना पसंद करेंगे. शायद आपका जवाब होगा कि मैं पूरी दुनिया देखना चाहूंगा…दरअसल आगे की खबर ही ऐसी है जिसकी वजह से उपरोक्त बातें हम कर रहे हैं. कनाडा में एक परिवार ऐसा ही है जो इस परेशानी से जूझ रहा है और दुनिया की सैर पर निकल पड़ा है. परिवार में माता-पिता के साथ छह लोग हैं. दुनिया का दौरा कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि परिवार के तीन बच्चों की आंख की रोशनी जल्द ही जाने वाली है.

रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा से पीड़ित हैं बच्चे

कनाडाई दंपति एडिथ लेमे और सेबेस्टियन पेलेटियर के घर का बड़ा सदस्य यानी उनकी बेटी का नाम मिया है जो रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा से पीड़ित है. यह एक दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी है जिसमें समय के साथ दृष्टि बाधित होने लगती है. लेमे और पेलेटियर ने देखा कि उनके दो बेटे भी इस घातक बीमारी के लक्षण का अनुभव कर रहे हैं. उनके संदेश की पुष्टि 2019 में हुई. इस संबंध में नेशनल आई इंस्टीट्यूट ने अपनी राय रखी है. यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज की एक एजेंसी है. उसके अनुसार रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के लक्षण आमतौर पर बचपन में शुरू होते हैं, और ज्यादातर लोग अंततः अपनी दृष्टि खो बैठते हैं.

परिवार मार्च में छुट्टी के लिए निकला

डेली मेल ने इस खबर को प्रकाशित की है. खबर की मानें तो परिवार मार्च में छुट्टी के लिए निकला था, जिसका कोई निर्धारित कार्यक्रम तय नहीं है. परिवार ने अब तक नामीबिया, जाम्बिया, तंजानिया, तुर्की, मंगोलिया की सैर कर ली है. अब इंडोनेशिया में परिवार एक सप्ताह बिता रहा है. परिवार ने पहले 2020 में रूस और चीन की यात्रा शुरू करने का प्लान बनाया था, लेकिन कोरोना महामारी के कारण वे घर से निकल नहीं सके. परिवार अपने आखिरी पोस्ट में मंगोलिया छोड़ते हुए नजर आ रहा था.

CNN Travel ने परिवार के सदस्य एडिथ लेमे से बात की है. बातचीत के क्रम में एडिथ लेमे ने कहा कि मैं बच्चों को किताब के बोझ तले नहीं दबाना चाहता हूं. मैं उन्हें विशाल दुनिया की सैर करवाना चाहता हूं ताकि उनकी यादों में सभी चीजें कैद रहे.

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लेखक के बारे में

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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