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Vastu Tips For Sleeping: क्या आप भी सोते समय करते हैं इस तरफ सिर, तो पड़ सकता है भारी

Updated at : 15 Jul 2025 8:35 AM (IST)
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vastu tips for sleeping

vastu tips for sleeping

Vastu Tips For Sleeping: वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में सोने से आपकी मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों ही बिगड़ सकते हैं. इसलिए हमेशा हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि बेडरूम में किस तरफ सोना चाहिए.

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Vastu Tips For Sleeping: हम जिस तरह सोते हैं, खासकर जिस दिशा में हम अपना सिर रखते हैं. वह हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती में अहम भूमिका निभाता है. वास्तुकला और ऊर्जा संतुलन के प्राचीन भारतीय विज्ञान, वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में सोने से आपकी मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों ही बिगड़ सकते हैं. इसलिए हमेशा हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि बेडरूम में किस तरफ सोना चाहिए. 

उत्तर दिशा में सिर करके कभी न सोएँ:

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा में सिर करके सोना अशुभ माना जाता है.

इससे ये हो सकते हैं:

  • मानसिक तनाव, चिंता और नींद में खलल.
  • खराब रक्त संचार और मस्तिष्क पर दबाव.
  • दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएँ, खासकर हृदय और मन से संबंधित.

उत्तर दिशा को मृतकों (पूर्वजों) की दिशा माना जाता है, इसलिए जीवित लोगों के लिए इस दिशा में सिर करके सोना उचित नहीं है.

वास्तु शास्त्र कारण:

  • वास्तु शास्त्र में, उत्तर दिशा चुंबकीय ऊर्जा से जुड़ी है और इसे पूर्वजों या दिवंगत आत्माओं का क्षेत्र भी माना जाता है.
  • उत्तर दिशा में सिर करके सोने से आपके शरीर में ऊर्जा (प्राण) का प्राकृतिक प्रवाह बाधित होता है.

इसके परिणामस्वरूप ये हो सकते हैं:

  • मानसिक तनाव
  • नकारात्मक सपने
  • नींद की खराब गुणवत्ता
  • शांति और स्फूर्ति की कमी

माना जाता है कि उत्तर दिशा आध्यात्मिक या मृत्यु संबंधी ऊर्जाओं को आकर्षित करती है, इसलिए केवल शवों (अनुष्ठानों के दौरान) को उत्तर दिशा में सिर करके रखने की सलाह दी जाती है.

वैज्ञानिक कारण:

  • पृथ्वी एक विशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है, जिसका उत्तरी ध्रुव चुंबकीय उत्तर है.
  • आपके मस्तिष्क में लोहा होता है और यह विद्युत आवेगों पर काम करता है.
  • जब आप उत्तर दिशा में सिर करके सोते हैं, तो यह आपके शरीर के चुंबकीय क्षेत्र में हस्तक्षेप कर सकता है.

इसके परिणामस्वरूप ये हो सकते हैं:

  • मस्तिष्क पर दबाव बढ़ना (रक्त संचार बाधित होने के कारण)
  • नींद में बेचैनी, सिरदर्द, या यहाँ तक कि दीर्घकालिक तंत्रिका संबंधी समस्याएँ
  • इसे चुंबकीय प्रतिकर्षण की तरह समझें – आपका मस्तिष्क (लौह युक्त रक्त) और पृथ्वी का चुंबकीय उत्तर एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं.

यह भी पढ़ें: Vastu Shastra: इस दिशा की तरफ सिर करके सोना हो सकता है हानिकारण, जानें सोने का सही डायरेक्शन

यह भी पढ़ें: Vastu Tips for Sleeping: वास्तु के अनुसार जानें किस दिशा में सिर करके सोना होता है बेहद अशुभ

Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारियों और मान्यताओं पर आधारित है. प्रभात खबर इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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Prerna

लेखक के बारे में

By Prerna

मैं प्रेरणा प्रभा पिछले 4 साल से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हूं. मैंने लगभग 3 साल ग्राउन्ड रिपोर्टिंग करके सरकार से जुड़े कई मुद्दों को उठाया है, इसके साथ ही कई और बड़ी खबरों को कवर किया है. अभी फिलहाल में प्रभात खबर के लाइफस्टाइल और हेल्थ के सेक्शन में खबरें लिखती हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जो भी पाठक लाइफस्टाइल और हेल्थ के बारे में कुछ खोज रहे हो उन्हें में वो खबरें सरल और आसान भाषा में लिख कर दे सकूं.

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