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Jharkhand Tourism: इस पर्वत पर होती है माता कौलेश्वरी और भगवान शिव की आराधना, जानिए महत्व

Updated at : 04 Aug 2024 6:29 PM (IST)
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Kauleshwari Temple, Jharkhand

Kauleshwari Temple, Jharkhand

Jharkhand Tourism: चतरा में मौजूद कौलेश्वर शिव मंदिर हजारों साल पुराना है. कहा जाता है इस मंदिर में पांडवों ने महादेव की आराधना की थी. तो चलिए आज आपको बताते हैं कौलेश्वर शिव मंदिर से जुड़ी कुछ बातें.

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Jharkhand Tourism: झारखंड की हरी-भरी धरती अनेकों प्राचीन मंदिरों से समृद्ध है. यहां माता सती के शक्तिपीठ से लेकर देवाधिदेव महादेव का पवित्र ज्योतिर्लिंग भी स्थापित है. सावन के महीने में झारखंड के सभी शिवालयों का नजारा मनोरम दिखता है. बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचते हैं. इस दौरान कांवड़ यात्रा का भी आयोजन होता है. श्रावण मास भगवान शिव का पवित्र महीना है. इसमें भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है. यही कारण है सावन महीने में झारखंड के चतरा में स्थित कौलेश्वरी शिव मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. ऐसे में अगर आप भी सावन में झारखंड के प्राचीन मंदिरों में घूमने आ रहे हैं तो जरुर विजिट करें कौलेश्वरी शिव मंदिर.

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Sawan 2024: यहां पांडवों ने की थी भोलेनाथ की आराधना

झारखंड के चतरा में स्थित कौलेश्वरी शिव मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है. कौलेश्वरी पर्वत पर स्थित इस शिव मंदिर के समीप कौलेश्वरी माता का भी मंदिर है. इस मंदिर में सालों भर भक्त भोलेनाथ और माता की पूजा अर्चना करने आते हैं. चूकिं, कौलेश्वरी पर्वत के आस-पास पूजा की सारी सामग्री और जल मिल जाता है. इस कारण भक्त यहां खाली हाथ आते हैं. कौलेश्वरी पर्वत पर स्थित एक सरोवर है जहां स्नान करने के बाद श्रद्धालु बाबा का जिला अभिषेक करते हैं. सावन में कौलेश्वरी शिव मंदिर में भोलेनाथ की विशेष पूजा अर्चना की जाती है. इस प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालु रात भर भजन-कीर्तन करते हैं.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कौलेश्वरी शिव मंदिर में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान पूजा-अर्चना की थी. यह महाभारत कालीन मंदिर 2000 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है. इस प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धालुओं को अपार शांति और सुकून का अनुभव होता है.

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Sawan 2024: कैसे पहुंचे कौलेश्वरी शिव मंदिर

चतरा का प्राचीन कौलेश्वरी शिव मंदिर राजधानी रांची से लगभग 160 किलोमीटर दूर है. आप यहां ट्रेन, हवाई जहाज और निजी वाहन या कैब के माध्यम से आसानी से आ सकते हैं. कौलेश्वरी शिव मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन बिहार का गया रेलवे स्टेशन है. आप चतरा से कैब या निजी वाहन के माध्यम से भी कौलेश्वरी शिव मंदिर आ सकते हैं, यहां से इसकी दूरी लगभग 37 किलोमीटर है. कौलेश्वर पहाड़ का निकटतम एयरपोर्ट बोध गया हवाई अड्डा है. इस मंदिर के प्रति लोगों में अपार श्रद्धा है.

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Rupali Das

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

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