भूल कर भी न कहें अपने बच्चों से ये 5 बातें, मासूम दिल पर हो जाता है गहरा जख्म
Published by : Sameer Oraon Updated At : 25 Jun 2025 4:28 PM
Pic Credit- Meta Ai For Symbolism Only
Parenting Tips: माता-पिता की कही कुछ बातें बच्चों के मासूम दिल और दिमाग पर गहरा असर डालती हैं और उनके आत्मविश्वास को तोड़ सकती हैं. जानें वे 5 बातें जो बच्चों से भूलकर भी नहीं कहनी चाहिए ताकि उनका मानसिक विकास सही दिशा में हो.
Parenting Tips: हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा एक बेहतर इंसान बनने के साथ साथ जिंदगी में सफल हो. इसके लिए वे कई बार उन्हें सही रास्ता दिखाने के लिए कुछ ऐसी बातें कहते हैं जो उनके दिमाग पर बुरा असर डालता है और वे उस बात को लंबे समय तक याद रखते हैं. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि शुरुआती उम्र में कह गये बहुत से शब्दों के जख्म उम्रभर साथ रहते हैं जो बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित करता है. आइए जानते हैं वे 5 बातें जो किसी भी सूरत में माता-पिता को अपने बच्चों से नहीं कहनी चाहिए.
तुम नहीं कर पाओगे
तुम यह नहीं कर पाओगे या तुमसे यह काम नहीं हो पाएगा जैसे शब्द बच्चों के आत्मविश्वास को अंदर से तोड़ देते हैं. जब माता-पिता बार-बार यह जताते हैं कि बच्चा कुछ नहीं कर सकता, तो वह विश्वास खोने लगता है और किसी भी काम को करने से पहले हार मान लेता है. ऐसे शब्द उसके व्यक्तित्व को कमजोर कर देते हैं.
किसी भी परेशानी का कारण बच्चे को मानें
जब बच्चा यह सुनता है कि वह घर के किसी भी परेशानी का कारण है, तो उसके मन में अपराधबोध पैदा होता है. वह खुद को परिवार के लिए बोझ समझने लगता है, जिससे उसका मानसिक विकास रूक सकता है और वह अवसाद (डिप्रेशन) जैसी समस्याओं से घिर सकता है.
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अपने बच्चे की किसी से तुलना न करें
तुलना बच्चों को न सिर्फ नीचा दिखाती है बल्कि भाई-बहनों के बीच ईर्ष्या और दूरी पैदा करती है. हर बच्चा अलग होता है और उसकी अपनी खूबियां होती हैं. तुलना करने से बच्चे की पहचान दब जाती है और उसमें हीनभावना घर कर जाती है.
बच्चों को कोई भी सवाल पूछने से न रोकें
बचपन में हर बच्चे को अपने माता पिता से अजीबो गरीब सवाल पूछने की आदत होती है. लेकिन कई माता पिता उनके सवालों से परेशान होकर उन्हें सवाल पूछने से रोक देते हैं. इससे उसके अंदर की जिज्ञासा खत्म हो जाती है. आगे से बच्चा कोई भी सवाल पूछने का साहस खो देता है. धीरे-धीरे बच्चा अपनी बात कहना छोड़ देता है और उसमें डर और संकोच घर कर जाता है. यह उसके सामाजिक और बौद्धिक विकास पर असर डालता है.
बच्चे की किसी गलती पर उन्हें छोड़ने की बात न कहें
बच्चे के लिए माता-पिता का प्यार सबसे बड़ा सहारा होता है. लेकिन जाने अनजाने में जब उनसे कुछ गलती हो जाती है तो छोड़ देने या उनसे प्यार नहीं करने की बात कह देते हैं. यह बातें बच्चे के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती है. यह उसकी भावना पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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