भूल कर भी न कहें अपने बच्चों से ये 5 बातें, मासूम दिल पर हो जाता है गहरा जख्म

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Parenting Tips: माता-पिता की कही कुछ बातें बच्चों के मासूम दिल और दिमाग पर गहरा असर डालती हैं और उनके आत्मविश्वास को तोड़ सकती हैं. जानें वे 5 बातें जो बच्चों से भूलकर भी नहीं कहनी चाहिए ताकि उनका मानसिक विकास सही दिशा में हो.
Parenting Tips: हर माता-पिता की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा एक बेहतर इंसान बनने के साथ साथ जिंदगी में सफल हो. इसके लिए वे कई बार उन्हें सही रास्ता दिखाने के लिए कुछ ऐसी बातें कहते हैं जो उनके दिमाग पर बुरा असर डालता है और वे उस बात को लंबे समय तक याद रखते हैं. मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि शुरुआती उम्र में कह गये बहुत से शब्दों के जख्म उम्रभर साथ रहते हैं जो बच्चे के मानसिक विकास को प्रभावित करता है. आइए जानते हैं वे 5 बातें जो किसी भी सूरत में माता-पिता को अपने बच्चों से नहीं कहनी चाहिए.
तुम नहीं कर पाओगे
तुम यह नहीं कर पाओगे या तुमसे यह काम नहीं हो पाएगा जैसे शब्द बच्चों के आत्मविश्वास को अंदर से तोड़ देते हैं. जब माता-पिता बार-बार यह जताते हैं कि बच्चा कुछ नहीं कर सकता, तो वह विश्वास खोने लगता है और किसी भी काम को करने से पहले हार मान लेता है. ऐसे शब्द उसके व्यक्तित्व को कमजोर कर देते हैं.
किसी भी परेशानी का कारण बच्चे को मानें
जब बच्चा यह सुनता है कि वह घर के किसी भी परेशानी का कारण है, तो उसके मन में अपराधबोध पैदा होता है. वह खुद को परिवार के लिए बोझ समझने लगता है, जिससे उसका मानसिक विकास रूक सकता है और वह अवसाद (डिप्रेशन) जैसी समस्याओं से घिर सकता है.
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अपने बच्चे की किसी से तुलना न करें
तुलना बच्चों को न सिर्फ नीचा दिखाती है बल्कि भाई-बहनों के बीच ईर्ष्या और दूरी पैदा करती है. हर बच्चा अलग होता है और उसकी अपनी खूबियां होती हैं. तुलना करने से बच्चे की पहचान दब जाती है और उसमें हीनभावना घर कर जाती है.
बच्चों को कोई भी सवाल पूछने से न रोकें
बचपन में हर बच्चे को अपने माता पिता से अजीबो गरीब सवाल पूछने की आदत होती है. लेकिन कई माता पिता उनके सवालों से परेशान होकर उन्हें सवाल पूछने से रोक देते हैं. इससे उसके अंदर की जिज्ञासा खत्म हो जाती है. आगे से बच्चा कोई भी सवाल पूछने का साहस खो देता है. धीरे-धीरे बच्चा अपनी बात कहना छोड़ देता है और उसमें डर और संकोच घर कर जाता है. यह उसके सामाजिक और बौद्धिक विकास पर असर डालता है.
बच्चे की किसी गलती पर उन्हें छोड़ने की बात न कहें
बच्चे के लिए माता-पिता का प्यार सबसे बड़ा सहारा होता है. लेकिन जाने अनजाने में जब उनसे कुछ गलती हो जाती है तो छोड़ देने या उनसे प्यार नहीं करने की बात कह देते हैं. यह बातें बच्चे के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती है. यह उसकी भावना पर नकारात्मक असर डाल सकता है.
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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